मेरठ के सरधना क्षेत्र के ज्वालागढ़ में हुए सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर शुक्रवार को हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस की कड़ी घेराबंदी के बावजूद कश्यप समाज के सैकड़ों लोग कमिश्नरी पार्क पहुंच गए. यहां उन्होंने पंचायत कर सोनू हत्याकांड पर आक्रोश जताते हुए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की.

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गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर निवासी सोनू कश्यप कुछ दिन पहले सरधना क्षेत्र में अपनी मौसी के घर जा रहा था. आरोप है कि रास्ते में टेंपो चालक ने शराब पिलाने के बाद उसकी हत्या कर दी और शव को जला दिया. इस मामले में पुलिस एक नाबालिग को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. हालांकि, विपक्षी दलों के कई नेताओं द्वारा पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाए जाने के बाद यह मामला सियासी रूप से भी गरमा गया.

कश्यप समाज ने किया था पंचायत का ऐलान

इसी क्रम में कश्यप समाज ने शुक्रवार को कमिश्नरी पार्क में पंचायत का ऐलान किया था. पंचायत को रोकने के लिए सुबह से ही कमिश्नरी पार्क को छावनी में तब्दील कर दिया गया. कई थानों की पुलिस, पीएसी और आरएएफ के साथ एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह मौके पर मौजूद रहे. इसके बावजूद मेरठ और आसपास के जिलों से कश्यप समाज के सैकड़ों लोग कचहरी मार्ग से होते हुए कमिश्नरी पार्क पहुंच गए.

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पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप

कश्यप समाज की पंचायत में नेताओं ने आरोप लगाया कि सोनू की हत्या में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस बचाने की कोशिश कर रही है. पंचायत के दौरान अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग दोहराई गई. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी देखने को मिली.

धरने के दौरान फूट-फूट कर रोई सोनू की बहन

धरने के दौरान मृतक सोनू की बहन भावुक हो गई और फूट-फूट कर रो पड़ी. उसने आरोप लगाया कि उसके भाई की हत्या बेहद निर्ममता से की गई, लेकिन अब तक मामले का सही खुलासा नहीं हुआ है, जिससे आरोपी खुले घूम रहे हैं. उसने प्रशासन से अपने भाई को न्याय दिलाने की गुहार लगाई.

काफी देर चले हंगामे के बाद एसीएम सिविल लाइन मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिजनों से ज्ञापन लिया. अधिकारियों के आश्वासन के बाद पंचायत समाप्त कराई गई. एसपी सिटी ने बताया कि परिजनों की मांग को देखते हुए अब सोनू हत्याकांड की जांच एसपी देहात के नेतृत्व में की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.