मेरठ में दिवाली से पहले पुलिस ने पटाखों के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. ग्रीन पटाखों के लाइसेंस की आड़ में घनी आबादी के बीच गोदामों में खतरनाक केमिकल और विस्फोटक मिश्रण का बड़ा जखीरा रखा हुआ था. चार थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने छापेमारी कर करीब एक करोड़ दस लाख रुपये कीमत की विस्फोटक सामग्री, केमिकल और बड़ी मात्रा में बने-अधबने पटाखे बरामद किए हैं. 

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कार्रवाई के बाद गोदाम और दुकान को सील कर दिया गया है. वहीं बरामद केमिकल के नमूने जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं. मामला मेरठ के रेलवे रोड और देहलीगेट थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी की अगुवाई में परतापुर, ब्रह्मपुरी, देहलीगेट और रेलवे रोड थाना पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया.

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पुलिस टीम ने केसरगंज मंडी में की कार्रवाई

पुलिस टीम ने केसरगंज मंडी निवासी गौरव अग्रवाल के गोदामों और दुकान पर छापेमारी की. देहलीगेट और रेलवे रोड थाना क्षेत्र में स्थित गोदामों की तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला खतरनाक सामान मिला.

पुलिस के मुताबिक, ग्रीन पटाखों के लाइसेंस की आड़ में यहां कई टन संदिग्ध विस्फोटक मिश्रण और केमिकल स्टोर किया गया था. बरामद सामान में टाइटेनियम, मैग्नीशियम, बेरियम कार्बोनेट, एल्युमिनियम पाउडर, बीटा ब्लू और चारकोल जैसे रसायन शामिल हैं. इसके अलावा फ्यूज वायर, पटाखा बनाने की नलियां, तैयार स्काई शॉट, आलू बम और बड़ी मात्रा में बने और अधबने पटाखे भी बरामद किए गए हैं.

छापेमारी के बाद खड़े हुए बड़े सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में खतरनाक रसायन और विस्फोटक सामग्री घनी आबादी वाले इलाके में कैसे स्टोर की जा रही थी. बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के रखी गई यह सामग्री किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, बरामदगी का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है.

पुलिस ने बरामद केमिकल और अन्य संदिग्ध सामग्री के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं. अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि इन रसायनों की खरीद कहां से की गई और तैयार पटाखों की सप्लाई चेन कितनी दूर तक फैली हुई है.

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