मेरठ में लगभग पांच साल पहले एक तरफा प्रेम के चलते प्रेमिका और उसके पति की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है. इस मामले में मृतका की बेटी की गवाही निर्णायक साबित हुई. 

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21 सितंबर 2021 की रात मेरठ में यह जघन्य वारदात हुई. समीर उर्फ हसीन आबाद का दोस्त था. हसीन आबाद की पत्नी जाविदा से एकतरफा मोहब्बत करता था, लेकिन जाविदा ने उसके प्यार को ठुकरा दिया था. इसके बाद हसीन ने बदले की भावना में प्लानिंग रची.

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रात 2 बजे छुरे से किए ताबड़तोड़ वार

घटना वाली रात हसीन अपने दोस्त आबाद के घर पर रुका. रात करीब 2 बजे उसने छुरे से आबाद और जाविदा पर ताबड़तोड़ वार कर दोनों की हत्या कर दी. इस दौरान दंपति की 12 वर्षीय बेटी सानिया घर पर मौजूद थी, जो अब 16 वर्ष की हो चुकी है. 

बेटी सानिया की गवाही ने किया काम

आबाद के पड़ोसी दिलशाद की तहरीर पर पुलिस ने समीर उर्फ हसीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे जेल भेज दिया. एडीजे 12 की अदालत में चल रहे मुकदमे में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फरजाना मकसूद ने पक्ष रखा. कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज हुए. घटना के बाद सानिया असम में रिश्तेदारों के पास रह रही थी. अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसकी गवाही कराई गई. सानिया ने अदालत को पूरी घटना की बर्बरता बताई, जिसने मामले को मजबूत बनाया.

कोर्ट का फैसला, भारी सुरक्षा व्यवस्था

अदालत ने आरोपी समीर उर्फ हसीन को आजीवन कारावास (उम्र कैद) और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई. जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त सजा हो सकती है. फैसले के दौरान कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा. फैसले के बाद कड़ी सुरक्षा में आरोपी को जेल भेज दिया गया.

परिवार और समाज पर गहरा असर

यह मामला एकतरफा प्रेम और बदले की भावना की खतरनाक साजिश को दर्शाता है. मृतक दंपति की बेटी सानिया को जीवनभर इस सदमे से गुजरना पड़ा. अदालत ने साक्ष्यों और गवाही के आधार पर सख्त फैसला सुनाकर न्याय की मिसाल पेश की है. ऐसे जघन्य अपराधों में उम्र कैद की सजा समाज को संदेश देती है कि अपराध बिना सजा नहीं रहता. मेरठ पुलिस और अदालत ने पांच वर्ष की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मामले को उचित निष्कर्ष तक पहुंचाया है.

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