मेरठ के सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल को लेकर ट्रस्टियों के बीच चल रहा विवाद अब और बढ़ गया है. ट्रस्ट के पूर्व प्रबंधक अनुज शर्मा के जेल जाने के बाद सोमवार को ट्रस्ट से जुड़े दूसरे पक्ष के लोग स्कूल पर कब्जा लेने पहुंचे. लेकिन स्कूल के गेट पर तैनात बाउंसरों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. इससे वहां हंगामा हो गया. जानकारी के अनुसार, सत्यकाम इंटरनेशनल ट्रस्ट के दयानंद शर्मा ने स्कूल के पूर्व प्रबंधक अनुज शर्मा पर फीस में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए लोहिया नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. इस मामले में पुलिस ने दो दिन पहले अनुज शर्मा को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया था. सोमवार को उनकी जमानत पर सुनवाई हुई, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.
दोनों पक्ष पर स्कूल पर बता रहे अपना अधिकार
इधर, सोमवार दोपहर ट्रस्ट से जुड़े गिरीश शर्मा और उनके साथी स्कूल पहुंचे. आरोप है कि अनुज शर्मा पक्ष की ओर से स्कूल में लगाए गए बाउंसरों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और विवाद हो गया. दोनों ही पक्ष स्कूल पर अपना-अपना अधिकार जताते रहे.
पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया मामला
मामले की सूचना मिलते ही लोहिया नगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया. इसके बाद गिरीश शर्मा और उनके साथी वहां से वापस लौट गए. अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर एसपी सिटी ने कहा है कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है. वहीं, जेल में बंद सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल के पूर्व प्रबंधक अनुज शर्मा के अधिवक्ता की ओर से सोमवार को न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है. इस पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी.
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