उत्तर प्रदेश स्थित मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या कर बेटी के अपहरण मामले पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. नगीना संसदीय सीट से सांसद व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को उत्तर प्रदेश पुलिस ने जगह रोकने की कोशिश की. इस दौरान नगीना सांसद की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई है.

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चंद्रशेखर ने मेरठ में मीडिया से बातचीत में कहा कि, वह सिर्फ पीड़ित परिवार से मिलने जाना चाहते हैं, इसके लिए गाजियाबाद से मेरठ तक का सफर उन्हें 4:30 घंटे में तय करना पड़ा. इस दौरान पुलिस ने कई जगह उनको रोका लेकिन वह किसी तरह से बस निकल कर मेरठ पहुंचने में सफल रहे.

'पीड़ित परिवार से मिलने से पुलिस ने मुझे रोका'

चंद्रशेखर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह सिर्फ परिवार का दर्द जानने और उन्हें हिम्मत बनाने के लिए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस ने अपनी पूरी ताकत उन्हें रोकने में लगा रखी है. अगर इतनी ताकत अपराधियों को ढूंढने में लगाती तो अब तक आरोपी सलाखों के पीछे होते.

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नगीना सांसद ने कहा कि 'हमारी बहनों की इज्जत लूटी जा रही है और आपको शांति की पड़ी है' ... ये  तीखे शब्द और पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की मेरठ की सरहदों पर मचे उस सियासी घमासान की गवाही दे रही है, कैमरे में कैद ये तस्वीरें आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद की हैं, जो पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ जा रहे थे, लेकिन पुलिसिया घेरेबंदी ने उन्हें गाजीपुर बॉर्डर पर ही रोक दिया.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, मेरठ के सरधना थाना इलाके का गांव कपसाड़ उस वक्त दहल उठा, जब दिनदहाड़े दबंगों ने एक दलित युवती का अपहरण कर लिया , और  विरोध करने वाली मां पर धारदार हथियार से हमला कर उन्हें लहूलुहान कर मार डाला.

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