उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में 27 नवम्बर की रात सरधना क्षेत्र में शादी की पहली ही रात दूल्हा मोहसिन अचानक बल्ब लेने के बहाने घर से निकला और फिर नहीं लौटा. जिसके बाद परिजनों में हड़कम्प मच गया. चार दिन बाद पुलिस ने उसे हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया है. बताया जा रहा है कि मोहसिन सुहागरात के तनाव की वजह से घर से चला आया था.

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चार दिन तक परिजन समेत नई दुल्हन अनहोनी की आशंका में बेचैन हो गयी थी. मोहसिन को सामने देखकर परिजनों ने राहत महसूस की.

क्या था पूरा मामला ?

पुलिस अधिकारियो ने बताया कि सरधना थानाक्षेत्र के ऊंचापुर का 26 वर्षीय मोहसिन उर्फ मोनू 27 नवंबर की रात सुहागरात से पहले बल्ब लेने का बहाना बनाकर घर से निकला था, लेकिन नहीं लौटा जिसके बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

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पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में वह रात में गंगनहर के पास घूमता दिखाई दिया था, जिसके बाद आशंका जताई गई कि उसने कोई आत्मघाती कदम न उठा लिया हो. हालांकि, उसका कोई पता नहीं चल सका.

सोमवार एक दिसंबर की सुबह मोहसिन ने हरिद्वार में एक राहगीर के फोन से अपने पिता को कॉल कर बताया कि वह वहां है और घर लौटना चाहता है. सूचना मिलते ही मेरठ पुलिस, मोहसिन के पिता और परिजन हरिद्वार पहुंचे एवं उसे अपने साथ ले गये.

सुहागरात को लेकर थी घबराहट

पूछताछ में मोहसिन ने पुलिस को बताया कि वह सुहागरात को लेकर घबराहट और मानसिक दबाव में था. इसलिए घर से निकल गया एवं बस से हरिद्वार पहुंच गया, जहां रेलवे स्टेशन के आसपास उसने तीन रातें बिताईं.

सरधना के थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को बताया कि दरअसल घटना के दिन मोहसिन ने दोस्तों के कहने पर कोई दवा खा ली जिससे उसे बेचैनी होने लगी. फ़िलहाल उसे सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है.

मोहसिन के लौटने की ख़ुशी उसके परिजनों के साथ-साथ उसकी पत्नी और ससुराल वालों के चेहरे पर भी नजर आई. सभी ने राहत की सांस ली. जबकि चार दिन तक पता न चलने से कई तरह की आशंकाएं उनके मन में उमड़ रहीं थीं.