मेरठ शहर के सेंट्रल मार्केट कॉम्प्लेक्स ध्वस्तीकरण के बाद राजनीतिक और भावनात्मक माहौल गरमा गया है. बीजेपी नेता विनीत अग्रवाल शारदा ने इस कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि आज सेंट्रल मार्केट में जो हुआ, वो सिर्फ एक इमारत का ध्वस्तीकरण नहीं बल्कि व्यापारियों के सीने पर बुलडोजर चला था.” विनीत शारदा ने कहा कि इस घटना से वह बेहद आहत हैं और उनकी आत्मा “फूट-फूट कर रो रही है.”
उन्होंने बताया कि वे ध्वस्तीकरण से प्रभावित 22 व्यापारियों के पुनर्स्थापना के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजेंगे. उन्होंने आश्वासन दिया कि इन व्यापारियों को दोबारा व्यापार शुरू करने के लिए भूखंड उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा. बीजेपी नेता ने कहा, “मैंने इस कार्रवाई को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन न जाने क्या विफलता रही कि आज यह स्थिति बन गई.”
अवैध रूप से बनाया गया था कॉम्पलेक्स
जानकारी के अनुसार, सेंट्रल मार्केट में प्लॉट संख्या 661/6 पर निर्मित यह कॉम्प्लेक्स अवैध रूप से बनाया गया था, जो कि आवासीय लैंड यूज वाले क्षेत्र में कमर्शियल रूप में विकसित किया गया था. कार्रवाई के बाद अब आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं.
'आवास विकास परिषद के अधिकारियों के घर चले बुलडोजर'
विनीत शारदा ने इस संबंध में कहा कि “आवास विकास परिषद के 45 भ्रष्ट अधिकारियों के घरों पर भी बुलडोजर चलना चाहिए.” उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो. इस पूरे प्रकरण ने न केवल व्यापारिक वर्ग बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है. प्रभावित व्यापारी अब अपनी पुनर्स्थापना और मुआवजे की उम्मीद लगाए हुए हैं.
उधर, गाजियाबाद में भी गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने शुक्रवार (24 अक्टूबर) को अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की है. प्राधिकरण की टीम ने प्रवर्तन जोन-2 के नेतृत्व में भिक्कनपुर, दुहाई और शाहपुर निज मोरटा क्षेत्रों में फैली करीब 61 बीघा भूमि पर बस रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया है.
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