उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 1 फरवरी को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने संत रविदास की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए रविवार (1 फरवरी) को कहा कि संत रविदास ने जाति, भेद-भाव और द्वेष के खिलाफ आजीवन कड़ा संघर्ष किया है.

मायावती ने संतगुरु रविदास जी कि जयंती पर किया एक्स पर पोस्ट

बसपा प्रमुख ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, देश में सामाजिक परिवर्तन के महान संतों में जाने-माने संतगुरु रविदास जी को आज उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित करती हूं और देश व दुनिया में रहने वाले उनके करोड़ों अनुयायियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी देती हूं.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि, संतगुरु रविदास जी का संदेश ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ अर्थात् मन को शुद्ध और पाक-साफ रखकर ही इंसान सच्चे सुख की प्राप्ति कर सकता है तथा समाज और देश का भी भला कर सकता है. उन्होंने अपना पूरा जीवन इंसानियत का संदेश देने में ही व्यतीत किया.

संत रविदास जाति भेद और द्वेष के खिलाफ कड़ा संघर्ष करते हुए अमर

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि इसी क्रम में वह विशेष रूप से जाति भेद और द्वेष के खिलाफ आजीवन कड़ा संघर्ष करते हुए अमर हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘उनका संदेश धर्म की पवित्रता को समाज सेवा और जनचेतना के माध्यम से इंसान और इंसानियत की भलाई से जोड़ता है.

बसपा प्रमुक ने कहा, उनका संदेश किसी स्वार्थ, विशेषकर संकीर्ण राजनीतिक और चुनावी स्वार्थ की पूर्ति के लिए नहीं है, जिसे भुला दिए जाने के कारण अमन-चैन, आपसी सौहार्द, भाईचारे और सुख-समृद्धि का वातावरण काफी हद तक प्रभावित हुआ है. मायावती ने कहा, संतगुरु रविदास जी के उपदेशों पर अमल कर करोड़ों गरीबों, शोषितों और पीड़ितों का काफी कुछ भला हो सकता है, जिस पर समुचित ध्यान देने की जरूरत है.