बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पिछले दो दिनों में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में उम्मीदवारों के चयन, संगठनात्मक तैयारियों और रणनीति पर गहन चर्चा हुई. इस बैठक में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बिहार में अकेले अपने दम पर विधानसभ चुनाव लड़ने का फैसला लिया और अपने भतीजे आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी दी है.
बिहार चुनाव को लेकर बसपा चीफ मायावती ने एक्स पर लिखा-"बिहारविधानसभाकेलियेजल्दअगलेकुछमहीनोंमेंहीहोनेवालेआमचुनावमेंबीएसपीउम्मीदवारोंकेचयनसहितपार्टीकेहरस्तरकीतैयारियोंकोलेकरवरिष्ठपदाधिकारियोंकेसाथपिछलेदोदिनोंकीबैठकमेंगहनचर्चा व समीक्षाकी गई.इसदौरानअकेलेअपनेबलपरचुनावलड़नेकेफैसलेकेमद्देनजरआनेवाले दिनों में पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी अन्तिम रूप दिया गया. इस बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को उल्लेखित कमियों को दूर करके पूरी मुस्तैदी व तन, मन, धन से आगे बढ़ने का निर्देश देते हुये उन्हें अगले महीने के प्रारंभ से शुरू होने वाले पार्टी की यात्रा व जनसभा आदि कार्यक्रमों के सम्बंध में विशेष जिम्मेदारी भी सौंपी गई."
आकाश आनंद को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
पूर्व सीएम मायावती ने बताया-"ये सभी कार्यक्रम बी.एस.पी. पार्टी प्रमुख अर्थात् मेरे दिशा निर्देशन में होंगे. इसकी विशेष जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनन्द व केन्द्रीय कोआर्डिनेटर व राज्यसभा सांसद रामजी गौतम तथा बीएसपी बिहार स्टेट यूनिट को सौंपी गई है.बिहार एक बड़ा राज्य है और इसीलिये वहां की ताजा जरूरतों को देखते हुए राज्य की सभी विधानसभा सीटों को तीन जोन में बाँट कर पार्टी के वरिष्ठ लोगों को अलग-अलग से उसकी जिम्मेदारी सौंपने का फैसला भी बैठक में लिया गया.
बसपा की बैठक में जनाधार को बढ़ाने की तैयारी
मायावती ने बताया-"बिहार में पार्टी की अपनी तैयारी के साथ-साथ वहाँ राज्य के तेजी से बदलते हुए राजनीतिक हालात और चुनावी समीकरण आदि को देखते हुएबीएसपी द्वारा चुनाव में बेहतर रिजल्ट लाने का आश्वासन पार्टी के लोगों ने पार्टी प्रमुख को बैठक में दिया. उल्लेखनीय है कि इससे पहले उड़ीसा और तेलंगाना राज्य में भी पार्टी संगठन की तैयारियों व वहां भी यूपी के पैटर्न पर जिला से लेकर पोलिंग बूथ स्तर तक कमेटियों के गठन के साथ-साथ पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के मिशनरी कार्यों के लिये दिये गये टारगेट की भी समीक्षा बैठक पार्टी प्रमुख द्वारा स्वंय अलग-अलग से ली गई."
