यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी को लेकर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साज़िश रशीदी का बड़ा बयान सामने आया है, उन्होंने कहा कि लोगों को लगता है कि जितना मुसलमानों की चूड़ी टाइट होगी उतना हिन्दू वोट बीजेपी को पड़ेगा लेकिन, ऐसा नहीं है. आप कितने भी सख्त क़ानून ले आओ हम आपकी नहीं मानने वाले, हम क़ुरान के हिसाब से ही काम करेंगे. 

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मौलाना साजिद रशीदी ने यूसीसी को लेकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपना वोट बैंक बनाने के लिए इस तरह के क़ानून ला रही है. इसमें कोई दो राय नहीं. लेकिन, बीजेपी क़ानून लाकर वोट बना रही है और विरोधी दल इसे मुसलमानों के खिलाफ बताकर अपना वोट साध रही है. मेरा जवाब इसके बीच का हैं. मैं दोनों से कहना चाहता हूं कि इसे मुस्लिम विरोधी बताकर तो कोई फायदा नहीं है.  

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यूसीसी पर मौलाना साजिद रशीदी का बयान

मौलाना ने सवाल किया कि क्या यूसीसी आने से उत्तराखंड में महंगाई कम हो गई. क्या लोगों को रोजगार मिल गया, शिक्षा मिल गई. ये सारी चीजें हो गईं तो हम कहते हैं कि पूरे देश में यूसीसी ले आओ. लेकिन, यूसीसी लाने के बाद भी बच्चे सड़कों पर घूम रहे हैं तो ये सरकार के लिए शर्म की बात हैं. स्कूलों का स्तर ये है कि यूपी में 26 हज़ार स्कूल बंद कर दिए. बच्चों के लिए सुविधाएं नहीं है. तो सरकार को इस पर काम करना चाहिए. 

उन्होंने कहा कि मुसलमान को आप छोड़ दीजिए, मुसलमान को आपसे ना रोजगार चाहिए, ना स्वास्थ्य चाहिए ना शिक्षा. आप सब हिन्दुओं को दे दो. ये सरकार तो मुसलमान को तो हमेशा टार्गेट पर रखती है और एक मुहावरा मशहूर हो गया है कि जितना मुसलमान की चूड़ी टाइट होगी उतना ही हिन्दू वोट बीजेपी को मिलेगा. वहीं ये लोग कर रहे हैं. हालांकि, मुसलमान की चूड़ी कोई टाइट नहीं हैं. 

मुसलमान अपने अल्लाह को मानता है. अपने नबी को मानता है. आप इससे भी सख्त कानून ले आओ हम तब भी वही मानेंगे. हम आपकी तो नहीं मानेंगे. हम तो निकाह भी अपने हिसाब से करेंगे. तलाक़ भी अपनी हिसाब से करेंगे और बच्चों की जो हिस्सेदारी होगी वो क़ुरान के हिसाब से करेंगे. हम इस बात में बिलकुल देश का क़ानून नहीं मानेंगे. 

मौलाना ने कहा कि कानून लाने से कोई फायदा नहीं. मुसलमान को संविधान ने ये हक दिया है कि आप इसे अपने धर्म के हिसाब से कर सकते हो. हम उसी पर अमल करेंगे.

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