UP News: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इजराइल-हमास संघर्ष पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने गाजा में इजराइल की कार्रवाई की आलोचना की. मौलाना रजवी ने कहा कि गाजा में हजारों महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं. उन्होंने इजराइल और अमेरिका को इस्लाम का विरोधी बताया. साथ ही अरब देशों की चुप्पी पर नाराजगी व्यक्त की.

मौलाना ने संयुक्त राष्ट्र, अरब लीग और ओआईसी की भूमिका पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि ये संगठन केवल तमाशा देख रहे हैं. उन्होंने अमेरिका पर इजराइल को सैन्य मदद देने का आरोप लगाया. मौलाना के अनुसार, अमेरिका अगर इजराइल को हथियार देना बंद कर दे, तो इजराइल किसी अरब देश पर हमला नहीं कर सकता.

यूपी के ग्रामीण और शहरी इलाकों में अलग-अलग होंगे बिजली के रेट! जानें- कहां कितने फीसदी बढ़ सकते हैं दाम?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए मौलाना ने कहा कि उनकी नीतियों से अमेरिका अस्थिर हुआ है. कई शहरों में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं. अंत में मौलाना रजवी ने मुस्लिम देशों को एकजुट होने की सलाह दी. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर भविष्य में स्थिति और बिगड़ सकती है. 

अमेरिका और इजरायल, दोनों इस्लाम के दुश्मन -मौलानामौलाना ने कहा कि अमेरिका और इजरायल, दोनों इस्लाम के दुश्मन हैं. पूरी दुनिया देख रही है कि फिलिस्तीन के शहर गजा में इजरायल जुल्म और ज्यादती कर रहा है.  उन्होंने कहा कि मानवता के नाम पर दुहाई देने वाले देश सब खामोश हैं. कोई भी इस कत्ल-ए-आम पर बोलने को तैयार नहीं हैं. अमेरिका की बदकिस्मती है कि उसको डोलान्ड ट्रंप जैसा राष्ट्रपति मिला. वो नामसझ और बेवकूफ राष्ट्रपति हैं. 

वह चाहते हैं कि अरब देशों में अफरातफरी रहे. इजरायल के जरिए, यमन, बेरूत, लेबनान पर हमला कराया है. अब ईरान पर हमला कराया. यह मुस्लिम दुनिया को कमजोर करने की कोशिश है. बहुत सारे देश अमेरिका से होशियार रहते हैं और उसके झांसे में नहीं आते हैं. मगर अमेरिका की मुस्लिम और इस्लाम से दुश्मनी को समझना होगा.