उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में सदर से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) विधायक अब्बास अंसारी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गयीं हैं, 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज आचार संहिता के मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने बुधवार को फैसले में उन्हें दोषी मानते हुए आरोप तय किए. अब इस मामले में अगली तारीख कोर्ट ने चार फरवरी 2026 दी है.

Continues below advertisement

फरवरी 2022 में दक्षिण टोला थाने में विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. इससे पहले एक मामले में जेल होने के बाद उनकी विधायकी रद्द हो गयी थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी और विधायकी बरक़रार रही. अब एक बार फिर उनके ऊपर मुसीबत आ गयी है.

क्या था पूरा मामला ?

वकील दरोगा सिंह ने बताया कि चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के लिए 2022 में अंसारी के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 133 (चुनावों में अवैध रूप से वाहन किराए पर लेने या खरीदने पर दंड) के तहत मामला दर्ज किया गया था. बाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोप मुक्त करने का आवेदन दायर किया गया, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया.

Continues below advertisement

विधायक के खिलाफ आरोप तय

वकील ने बताया कि इसके बाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. के पी सिंह की विशेष एमपी/एमएलए अदालत ने बुधवार को विधायक के खिलाफ आरोप तय किए. उन्होंने कहा कि आरोप तय होने के बाद, अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख चार फरवरी 2026 तय की. अभी इस मामले में विधायक द्वारा कोई प्रतिक्रया नहीं दी है. लेकिन पूर्वांचल की इस सीट पर अदालत के फैसले को लेकर सभी सियासी दलों की निगाहें टिक गयीं हैं.

बता दें कि अब्बास अंसारी पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के पुत्र हैं, और इस समय सत्ताधारी दल के निशाने पर हैं.इसके साथ ही उनकी नजदीकी अब अपनी पार्टी सुभासपा के बजाय समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के साथ हैं. माना जा रहा है कि अगला चुनाव सपा से ही लड़ेंगे.