उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद की मधुबन तहसील में सोमवार (15 दिसंबर) को उस समय हंगामा खड़ा हो गया. जब यहां के काठतराव गांव में वर्षों से चला आ रहा खड़ंजा और सार्वजनिक रास्ते का विवाद में जांच को पहुंची तहसील टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला शुरू कर दिया. इस दौरान वहां मौजूद एसडीएम से भी अभद्रता की गयी. सूचना पर पहुंची भारी पुलिस बल ने स्थिति काबू की.

तहसील से राजस्व टीम 30 मीटर लंबे सार्वजनिक मार्ग को खुलवाने के लिए गयी थी. उसी वक़्त स्थानीय महिलाओं न टीम को घेरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है. अधिकारियों ने अब इस मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई की बात कही है.

एसडीएम का कॉलर पकड़ा

इस संबंध में उपजिलाधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, यहां तक कि कॉलर पकड़ा है।.उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ एफआईआर होगी. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी मधुबन अभय सिंह भी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था संभाली.

एकमात्र सार्वजनिक मार्ग पर है कब्ज़ा

एसडीएम ने बताया कि जिस खड़ंजे का निर्माण कराया जा रहा है वह संपूर्ण गांव का एकमात्र सार्वजनिक मार्ग है, जिस पर वर्ष 2023 और 2024 में सरकारी धन खर्च किया जा चुका है. इस संबंध में खंड विकास अधिकारी द्वारा लिखित रूप से पुष्टि भी की गई है. उन्होंने कहा कि विजयशंकर तिवारी और उनके परिजन बार-बार न्यायालय के आदेश का हवाला देकर कार्य रोकने का प्रयास कर रहे थे, जबकि अपर आयुक्त के स्पष्ट आदेश हैं कि मार्ग का निर्माण कराया जाए.

एसडीएम के अनुसार हाईकोर्ट द्वारा संबंधित पक्ष को लोअर कोर्ट जाने के निर्देश दिए गए थे, जहां मामला अभी विचाराधीन है. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों द्वारा आबादी की भूमि पर बाउंड्री वॉल बनाकर कब्जा किया गया है और सार्वजनिक रास्ते को अवरुद्ध किया जा रहा था.