उत्तर प्रदेश के मथुरा में गो रक्षक 'फरसा वाले बाबा' की मौत के बाद जमकर बवाल देखने को मिला, भारी संख्या में उनके समर्थक और आसपास को लोग आगरा-मथुरा हाईवे पर उतर आए और जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और लोगों के बीच झड़प हो गई. आक्रोशित लोगों को शांत करने के लिए पुलिस का लाठीचार्ज तक करना पड़ा. 

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फरसा वाले बाबा की मौत के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है. उनके समर्थकों कहना है कि फरसा वाले बाबा गो तस्करों को पकड़ने के लिए शनिवार तड़के चार बजे मोटरसाइकिल से निकले थे जिसके बाद गो तस्करों ने ट्रक से कुचलकर कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी. लोगों ने पुलिस से इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. इस घटना ने इलाके में एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है. 

जानें- कौन थे 'फरसा वाले बाबा'

मथुरा के 'फरसा वाले बाबा' का असली नाम संत चंद्रशेखर था. वो अपने साथ कुल्हाड़ी जैसा शस्त्र फरसा रखते थे. जिसकी वजह से ही उनके समर्थक और स्थानीय लोग उन्हें 'फरसा वाले बाबा' कहकर बुलाते थे. मथुरा के कोसीकलां और आसपास के इलाकों में अवैध गौ तस्करी को रोकने के लिए सक्रिय रहते थे.

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चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा बरसाना के आजनौख गांव में गौशाला चलाते थे. ब्रज क्षेत्र में उन्हें एक प्रखर बेहद प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक के तौर पर जाना जाता था. वो हमेशा हाथ में फरसा लेकर गौ-वंश की रक्षा करते थे और गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे. ब्रज क्षेत्र में उनकी काफी लोकप्रियता थी. 

गो तस्करों पर हत्या का आरोप

बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह चार बजे फरसा वाले बाबा को गोतस्करी की सूचना मिली थी, जिसके बाद वो अपनी मोटर साइकिल से निकले थे. आरोपी है कि गो तस्करों की पीछा करते समय कुछ तस्करों ने पीछे उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मारकर कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. 

इस घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और उनके समर्थक सड़क पर उतर आए. वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है. उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं.