Yogi Adityanath Mathura visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों की उपस्थिति में सनातन समाज से एकजुट होने का आह्वान किया. रामनगरी का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा, "2017 के पहले अयोध्या में तीन घंटे बिजली मिलती थी. जय श्रीराम बोलने पर लड्डू नहीं, डंडे-लाठियां मिलती थीं. गलियां संकरी थीं और भवन जर्जर. आवागमन के साधन भी सीमित थे, लेकिन आज अयोध्या त्रेतायुग का स्मरण कराती है."

सीएम योगी ने कहा, "जब पूज्य संत एक मंच पर आए, एक स्वर में बोले तो 500 वर्ष का कलंक मिट गया और अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो गया. जब संतों की एकता में इतनी शक्ति है तो सभी सनातनी एकजुट होकर ताकत का अहसास कराना प्रारंभ कर दें तो कोई भी विधर्मी और विधर्मी की आड़ में उनकी जूठन खाकर हिंदू विरोधी षड्यंत्र करने वाले भारत का बाल बांका भी नहीं कर पाएंगे."

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वृंदावन में पूजा-अर्चना और गोसेवा 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को संत जगद्गुरु द्वाराचार्य मलूकदास महाराज की 452वीं जयंती पर आयोजित सीताराम निकुंज अष्टयाम लीला महोत्सव कार्यक्रम में वृंदावन पहुंचे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने मलूकपीठ आश्रम में दर्शन-पूजन किया, फिर गोपूजन कर गायों को गुड़ खिलाया. 

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ऐतिहासिक घटनाओं का भी किया जिक्र 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा-वृन्दावन में आयोजित मलूक जयंती महोत्सव व सीताराम निकुंज अष्टयाम लीला महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "याद करिए ये 1500 ये 26 चल रहा है. 2026 चल रहा है. 1526 में संभल में हरिहर मंदिर को बाबर की औलादों ने तोड़ा था. सब कुछ वहां मिट गया था. 67 तीर्थ थे, 19 कप थे. 1976, 1978 में दंगे हुए. सैकड़ों हिंदू मार दिए गए. 1995,96 में समाजवादी पार्टी की सरकार में उन सभी दरिंदों के मुकदमे वापस कर दिए गए. मुझे उस परिवार का एक सदस्य मिला."

उन्होंने कहा, "साहब हमारी प्रॉपर्टी को पूरी तरह रूठ लिया गया. हम भाग के दिल्ली में जान बचा रहे हैं. मैंने कहा कोई कागज है लेके आ जाओ. आपकी प्रॉपर्टी में फिर से आपको कब्जा कराएंगे. चिंता मत करो..."