मथुरा में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को लेकर बड़ा विवाद और गंभीर आरोप सामने आए हैं. दिनेश फलहारी ने शंकराचार्य पर आरोप लगाने वाले छात्रों और हिस्ट्रीशीटर आशुतोष पांडेय का नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की है. फलहारी महाराज ने इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रपति को पत्र भी लिखा है और खुद को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकियों का आरोप लगाया है.
आरोप है कि आशुतोष पांडेय ने नाबालिग बच्चों को प्रलोभन देकर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को POCSO जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की साजिश रची है. साथ ही उसके खिलाफ गौकशी, धोखाधड़ी और दर्जनों फर्जी आरोपों का लंबा आपराधिक इतिहास भी बताया जा रहा है. मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है.
आरोपी पर पहले से ही 20 गंभीर मुकदमे दर्ज
पीड़ित मनीष चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरी स्कॉर्पियो कार नंबर UP 85 CE 6943 के संबंध में थाना गोविन्द नगर, जनपद मथुरा में मु.अ.सं. 161/2024 धारा 406/420/506 भा.दं.सं. के अंतर्गत विधिवत मुकदमा पंजीकृत है. जांच आख्या के अनुसार निम्न तथ्य संज्ञान में आए हैं. आशुतोष पाण्डेय पुत्र राजेंद्र पाण्डेय, निवासी कांधला, जनपद शामली द्वारा मेरी गाड़ी गलत तरीके अपने कब्जे में ली गई. अभिलेखीय परीक्षण में आरोपी का विस्तृत आपराधिक इतिहास प्रकाश में आया. जिसमें विभिन्न जनपदों में लगभग 20 गंभीर मुकदमे दर्ज पाए गए.
शंकराचार्य पर लगाए सभी आरोप गलत- मनीष चतुर्वेदी
पीड़ित मनीष चतुर्वेदी ने आगे कहा कि इतने व्यापक आपराधिक इतिहास के बावजूद वाहन की बरामदगी अब तक नहीं होना गंभीर प्रश्न उत्पन्न करता है. यह स्पष्ट है कि आरोपी की कार्यप्रणाली विवाद खड़ा करना, झूठे प्रकरण गढ़ना और विधिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करना रही है. जहां तक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का प्रश्न है, उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत है.
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