मथुरा के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य मे बिहार में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पुलिस प्रशासन और सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जब सरकार कोई काम नहीं करती हैं, अधिकारी लोगों की बात नहीं सुनेंगे तो किसी ना किसी को तो खड़ा होना पड़ता है. सरकार रवैया एकदम गलत है. शरण में आए हुए मारना महापाप है. 

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भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर अनिरुद्धाचार्य का ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कथा के दौरान उन्होंने इस पर अपनी राय रखी और बिहार सरकार व पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए. अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि "अब सरकारें काम तो करती नहीं है. उस लड़के ने जब काम करवाने के लिए अफसरों से कहा, जब कुछ नहीं किया तो बंदूक उठा ली." 

'निर्दोष को मारना राजा के लिए महापाप'

उस लड़के ने बंदूक उठाई तो किसी की हत्या के लिए नहीं, उसने किसी का मर्डर नहीं किया. लेकिन, पुलिस ने उसे मार डाला. जब कोई सुनेगा ही नहीं तो किसी को तो खड़ा होना पड़ेगा. ये रवैया सरकार का अच्छा नहीं है. आप जनता की हत्या कर रहे हैं ये राजा के लिए पाप है. ऐसे में जनता तुम्हे पापी राजा कहेगी, कि ये राजा तो बड़ा पापी है, जो निर्दोष जनता को मार डाल रहा है. 

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शरण में आए हुए का मारना गलत- अनिरुद्धाचार्य

कथावाचक ने कहा कि शरण में आए हुए को कभी नहीं मारना चाहिए. हां वो कोई बहुत बड़ा अपराधी होता. आतकंवादी होता तो आप मारते कोई मनाही थोड़े थी. आतंकवादी को आप मार दो. लेकिन, जो सही है..अपने गांव के लिए समाज के लिए खड़ा है..लड़ रहा है, सिस्टम आपका बहरा है उसे तो आप ठीक करोगे नहीं.. जो खड़ा होगा उसी को मार डालोगे ये सरकार का रवैया गलत हैं. 

पुलिस के एक्शन पर सवाल उठाते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि "आप कितनों को मारोओ, फिर दूसरा खड़ा होगा, ये बात नेताओं को समझनी चाहिए कि वो अपनी जनता को प्यार करे, वोट लेने के बाद देखों मरवाना शुरू कर देते हैं और तुम्हारी पुलिस कैसी हैं, इसलिए तो कहता हूं कि शिक्षा से तो आपने ले लिया लेकिन, थोड़ा संस्कार देते. काश रामचरितमानस का ये पाठ पढ़ाते कि शरण में आए हुए को मारना पाप है." 

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