मथुरा में एक व्यक्ति की हत्या का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है. आरोप है कि अवैध संबंधों में बाधा बन रहे 42 वर्षीय मनोज सोनी की उसकी पत्नी, नाबालिग बेटी और बेटी से जुड़े एक युवक ने मिलकर हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को यमुना किनारे जंगल में फेंकने की बात सामने आई है. पुलिस पिछले कई दिनों से जंगलों में शव की तलाश कर रही है.

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मामला मथुरा के थाना गोविंद नगर इलाके की राधा कृष्ण बाटिका कॉलोनी से जुड़ा है. सीओ सिटी आसन चौधरी के मुताबिक, जयसिंहपुरा निवासी 42 वर्षीय मनोज सोनी 19 अप्रैल 2026 को अचानक घर से लापता हो गए थे. परिवार की ओर से उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. काफी तलाश के बाद भी जब मनोज का कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.

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जांच के दौरान पुलिस ने परिवार के सदस्यों और मनोज से जुड़े लोगों से पूछताछ की. इसी दौरान उनकी पत्नी, बेटी और विमल चौधरी नाम के एक युवक से पूछताछ की गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान तीनों ने मनोज की हत्या करने की बात कबूल की.

बेटी के संबंधों को लेकर घर में होता था विवाद

पुलिस के मुताबिक, मनोज की नाबालिग बेटी के विमल चौधरी के साथ संबंध थे. इन संबंधों को लेकर मनोज कथित तौर पर विरोध करते थे और बेटी के साथ मारपीट भी करते थे. पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के चलते पत्नी, बेटी और विमल ने मिलकर मनोज की हत्या की साजिश रची.

पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल को ही मनोज की हत्या कर दी गई और इसके बाद शव को यमुना किनारे जंगल में फेंक दिया गया. हालांकि, अभी तक शव बरामद नहीं हुआ है. पुलिस जंगल और यमुना किनारे के इलाकों में लगातार तलाश कर रही है.

पुलिस ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

सीओ सिटी आसन चौधरी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने घटना में शामिल बताए जा रहे तीनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में साक्ष्य मिटाने से जुड़ी धाराएं भी लगाई जा रही हैं. पुलिस हत्या में इस्तेमाल की गई सामग्री और अन्य सबूतों की भी तलाश कर रही है.

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर शव बरामद करने की कोशिश कर रही है. इसके लिए यमुना किनारे और आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

मनोज के छोटे भाई ने बताया कि भाई के लापता होने के बाद उन्होंने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. करीब 10 दिन बाद जब वह थाने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि मनोज की पत्नी रिपोर्ट वापस ले गई है. इसके बाद उन्हें शक हुआ और उन्होंने दोबारा पुलिस से शिकायत की.

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भाई के मुताबिक, पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए मनोज के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई. इसके बाद पूछताछ और जांच में कई बातें सामने आईं. उनका कहना है कि परिवार के लोगों ने आसपास के लोगों से यह भी कहा था कि मनोज कर्ज में डूबे हुए थे और इसी वजह से वह घर छोड़कर चले गए हैं.

मृतक के भाई ने पुलिस से अपने भाई के लिए न्याय की मांग की है. फिलहाल पुलिस का पूरा जोर मनोज के शव को बरामद करने और हत्या से जुड़े बाकी साक्ष्य जुटाने पर है. पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी.