उत्तर प्रदेश स्थित मथुरा के वृंदावन में 10 अप्रैल को एक नाव यमुना नदी में पलट गई थी, इस हादसे में लगातार मृतकों की संख्या में वृद्धि हो रही है. प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, पहले इस हादसे में मृतकों की संख्या 13 थी, जो अब एक और शव मिलने के बाद बढ़कर 14 हो गई है. हालांकि, दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.

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वहीं लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और गोताखोरों की टीमें यमुना में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. वहीं, यमुना में नाव पलटने की घटना से पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें नाव में सवार श्रद्धालु भजन कीर्तन करते हुए नजर आ रहे थे.

पुलिस ने शवों को पीएम के बाद भेजा पंजाब

आपको बता दें कि कल गोकुल बैराज के पास श्रद्धालुओं की वह ढोलक भी यमुना में तैरती हुई गोकुल के नागरिकों को मिली है जिसे बजाकर वह घटना से पहले नाव में सवार होकर ढोलक बजाकर भजन-कीर्तन कर रहे थे. पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद पंजाब भेज रही है.

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पुलिस ने नाविक और ठेकेदार को भेजा जेल

वही, इस हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए ठेकेदार और नाविक को गिरफ्तार कर जेल दिया है. पुलिस के अनुसार, पंजाब के रहने वाले ये लोग बांके बिहारी क्लब के सदस्य थे. जो वृंदावन स्थित यमुना नदी में नाव पर सवार होकर भजन कीर्तन कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ. बताया गया है कि, बांके बिहारी क्लब के ये सदस्य लुधियाना से हर साल वृंदावन आते थे.

एक आधिकारिक सूची के अनुसार मथुरा नाव हादसे में मरने वालों की पहचान कविता रानी (49), चरनजीत (40), रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल (38), अंजू गुलाटी, ईशान कटारिया, मीनू बंसल और सपना हंस (55) के रूप में हुई. हालांकि, अभी तक इतने ही मृतकों के नाम सामने आए हैं.