मथुरा में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और उनकी आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़े एक विवाद पर प्रतिक्रिया दी. अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि भारत से पैसा कमाकर ऐसे लोगों को पैसा भेजा जा रहा है, जो हिंदुओं से घोर नफरत करते हैं और हिंसा को बढ़ावा देते हैं.

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अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा, “आप भारत के हिंदुओं को जिंदा जला रहे हो. भारत से पैसा कमाकर आप उन्हें पैसा भेज रहे हैं जो हिंदुओं से घोर नफरत कर रहे हैं. क्या इससे यह सिद्ध नहीं होता कि आप भी हिंदुओं से नफरत कर रहे हैं?”

उन्होंने कहा कि हमारे यहां कहावत है, “सह खेलति, खादति सखा”, यानी जो साथ खेले और साथ खाए वही मित्र होता है. फिर सवाल यह है कि हमारा मित्र कौन है? जो हमारे हिंदुओं को जलाए, हमारे सनातनियों को मारे, उनसे हमें क्रिकेट क्यों खेलना चाहिए?"

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कथावाचक ने आगे कहा कि आज भी घटनाएं सामने आ रही हैं, जहां हिंदुओं के साथ अत्याचार हो रहा है. उन्होंने कहा कि “आज भी मैंने एक घटना सुनी कि एक बालक को पीट-पीटकर मार डाला गया.” ऐसे में सवाल खरीदने वालों से किया जाना चाहिए, आप 9 करोड़ में खरीद रहे हैं, ठीक है आपके पास पैसा है, लेकिन क्या आप उन्हें यह नहीं समझा सकते कि हम भारत के लोग हैं, भारत के लोगों ने हमें नाम दिया है.”

बॉलीवुड पर भी साधा निशाना

अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अपने बयान में बॉलीवुड को लेकर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा, “बॉलीवुड के लोग अपने को भगवान मानते हैं. उन्हें लगता है कि हम जो करेंगे, हमारा कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता. क्योंकि बॉलीवुड बहुत ताकतवर है, उनके पास पैसे की कोई कमी नहीं है.”

उन्होंने सवाल उठाया कि बॉलीवुड का आज तक कोई क्या बिगाड़ पाया है? “गुटका बेच रहे हैं, शराब बेच रहे हैं, सिगरेट बेच रहे हैं, जुआ बेच रहे हैं, समाज को चरित्रहीनता का पाठ पढ़ा रहे हैं. क्या बिगाड़ लिया किसी ने उनका?” महाराज ने कहा कि जब जनता एकजुट होगी और सनातन की आवाज बुलंद होगी, तब इन्हें अपने फैसले बदलने ही पड़ेंगे.

‘हिंदुओं के विश्वास के साथ छल’

कथावाचक ने फिल्मी जगत की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के लोगों में अपनी फिल्में बेचकर जो पैसा कमाया जाता है, वही पैसा करोड़ों रुपये के रूप में उन लोगों पर लुटाया जाता है, जिनका दिल बांग्लादेशियों के लिए धड़कता है. उन्होंने कहा, “भारत के लोग उन्हें सुपर डुपर स्टार बनाते हैं और बदले में हमारे विश्वास के साथ छल होता है. यह विश्वासघात है.”

बाबरी मस्जिद और आक्रांताओं का जिक्र

अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अपने बयान में इतिहास और आस्था से जुड़े मुद्दों को भी उठाया. उन्होंने कहा, “मस्जिदें बनाई गईं, लेकिन मंदिर तोड़कर ही मस्जिदें क्यों बनाई गईं? हमने तो कभी मस्जिद तोड़कर मंदिर नहीं बनाया.”

मनुस्मृति जलाने को लेकर अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि ऐसा करने वाले लोग अज्ञानी हैं. उन्होंने कहा कि वेद, पुराण, शास्त्र, संविधान ये सब पढ़ने-समझने वालों के लिए हैं. जो पढ़ना ही नहीं जानते, वे अर्थ कैसे निकालेंगे?

उन्होंने एक दलित युवक के वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि उस युवक ने मनुस्मृति पढ़कर कहा कि उसमें ऐसा कुछ नहीं है, जिसे जलाया जाए. महाराज ने कहा कि दलित भाइयों को कुछ लोग बहका रहे हैं और गलत जानकारी दे रहे हैं. उन्होंने मनुस्मृति का श्लोक “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” उद्धृत करते हुए कहा कि इसमें नारी सम्मान की बात कही गई है.

अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि यदि मुसलमान दलितों के इतने हितैषी हैं, तो पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री, जो दलित थे, उन्हें कुछ सालों में ही वहां से क्यों भागना पड़ा. उन्होंने बांग्लादेश में दीपू दास को जिंदा जलाए जाने की घटना का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि यदि मुसलमान दलितों के शुभचिंतक हैं, तो ऐसा क्यों हुआ?

‘मुसलमानों का बहिष्कार नहीं’

अनिरुद्धाचार्य महाराज ने साफ कहा, "मुसलमानों का कोई बहिष्कार नहीं है. उन्होंने कहा, हमारे यहां मुसलमान का बहिष्कार नहीं है. हम लोग मुसलमान का बहिष्कार नहीं करते. रसखान को भी हम लोग स्वीकार करते हैं. मुसलमानों का बहिष्कार नहीं है साहब. मुसलमानों के अंदर जो हिंदुओं के प्रति नफरत की जो विचारधारा है, उस विचारधारा का विरोध है. क्या आप हिंदुओं के प्रति नफरत क्यों करते हैं? हिंदू तो मुसलमान से नफरत नहीं करता. हम तो आपका विरोध नहीं करते. हम तो नहीं कहते कि आप गलत हैं. लेकिन जो आपकी गलतियां, जो हिंदुओं का कत्लेआम कर रहे हैं, गला काट रहे हैं और जिंदा जला रहे हैं. मुसलमानों से पूछिए, क्या आप इस नरसंहार के समर्थक हैं?”