उत्तर प्रदेश के महोबा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. श्रीनगर थाना क्षेत्र के पिपरा माफ गांव में रहने वाले दो मासूम बच्चे उर्मिल डैम में डूब गए. गुरुवार दोपहर 8 साल का रितेश और उसका 10 साल का चाचा आर्यन अपनी 4 साल की बहन प्राची के साथ डैम पर नहाने गए थे. खेलते-खेलते दोनों बच्चों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा और देखते ही देखते दोनों पानी में समा गए.
काफी देर तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता होने लगी. तभी छोटी बहन प्राची दोनों के कपड़े लेकर घर पहुंची और मासूम अंदाज में बताया कि दोनों भाई पानी में रह गए हैं. यह सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया. रितेश के पिता ज्ञान सिंह, जो मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाते हैं, बदहवास हालत में डैम की ओर दौड़े.
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ग्रामीणों और पुलिस ने शुरू की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. तुरंत तलाश शुरू की गई, लेकिन शाम ढलने और अंधेरा होने के कारण कोई सफलता नहीं मिली. हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने SDRF टीम को भी बुलाया. पूरी रात परिजन डैम किनारे बैठे रोते-बिलखते रहे और बच्चों के मिलने की उम्मीद करते रहे.
14 घंटे बाद मिले शव, परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
करीब 14 घंटे की मशक्कत के बाद शुक्रवार सुबह दोनों बच्चों के शव पानी में उतराते मिले. यह दृश्य देखकर परिवार के लोग बेसुध हो गए और पूरे इलाके में मातम छा गया. सबसे दर्दनाक बात यह है कि आर्यन अपनी चार बहनों के बीच इकलौता भाई था, जबकि रितेश भी अपनी तीन बहनों का अकेला सहारा था. एक साथ दो बच्चों की मौत ने दोनों परिवारों को पूरी तरह तोड़ दिया है.
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स्थानीय लोगों का कहना है कि मासूमों को गहराई का अंदाजा नहीं था और यही उनकी सबसे बड़ी गलती बन गई. इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया है. लोगों की आंखें नम हैं और हर कोई यही कह रहा है कि थोड़ी सी सावधानी शायद इन दो जिंदगियों को बचा सकती थी.
