महोबा जनपद में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं. यह हड़ताल कबरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित जन औषधि केंद्र में हुए विवाद और मारपीट की घटना के विरोध में की गई है. कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार अराजक तत्व केंद्र में घुसकर न केवल उन्हें परेशान कर रहे हैं, बल्कि कर्मचारियों के वीडियो बनाकर गलत तरीके प्रचारित किया जा रहा है. इसी प्रताड़ना के चलते बीते रोज हुई मारपीट की घटना सामने आई है. 

एरिया मैनेजर अभिषेक सिंह का कहना है कि यह विवाद साजिशन कराया गया था. वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए उन्होंने अपने ही केंद्र के एक कर्मचारी को हटा भी दिया है. इसके बावजूद अराजक तत्व लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं और कामकाज बाधित कर रहे हैं. 

मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल की चेतावनी

उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र पर निर्धारित नियमों के अनुसार ही दवा बेची जा रही है, लेकिन आए दिन अराजकतत्वों की हरकतों के कारण स्वतंत्र रूप से काम करना मुश्किल हो गया है. केंद्र के अंदर काम करने वाली महिला कर्मचारी इस कारण खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है. इसी के चलते जिले के सभी केंद्र कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं और निष्पक्ष जांच के साथ आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. साथ ही कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होती है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

मरीजों पर पड़ा हड़ताल का असर

इस हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है. इलाज कराने आए मरीजों को बाहर मेडिकल से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं. मरीज गपुर सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें दवा चाहिए थी, लेकिन केंद्र बंद होने से मजबूरन बाहर से तीन गुना महंगी दवा खरीदनी पड़ी. 

महंगे दाम पर दवा खरीदने को मजबूर मरीज

इसी तरह मध्यप्रदेश से आए ब्रज किशोर ने भी बताया कि उन्हें इलाज के बाद दवा की आवश्यकता थी, लेकिन हड़ताल की वजह से औषधि केंद्र बंद मिला और उन्हें भारी दाम पर दवा लेनी पड़ी. पीएम जन औषधि केंद्र बंद होने से गरीब और दूर दराज से आने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.