उत्तर प्रदेश: महोबा में रफ्तार का कहर देखने को मिला है. जहां तेज रफ्तार थार ने मामा-भांजे की जान ले ली. कानपुर-सागर हाईवे पर बीजेपी का झंडा लगी एक लाल रंग की थार ने बाइक सवार परिवार को बेरहमी से रौंद दिया. इस हादसे में 11 साल के भांजे की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसके मामा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मां-पुत्री गंभीर घायल हैं, जिन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है.

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महोबा के कबरई थाना क्षेत्र में आज उस वक्त मातम पसर गया जब एक तेज रफ्तार लाल रंग की थार ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं. घटना छानीकला गांव के पास कानपुर-सागर हाईवे की है. बताया जा रहा है कि थार पर बीजेपी झंडा लगा हुआ था और उसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि बाइक सवार परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला.

दर्दनाक हादसा

हादसे की कहानी बेहद दर्दनाक है. कबरई के कहरा गांव निवासी 35 वर्षीय सुरेश अपनी बहन शकुंतला को ससुराल से लेकर जा रहा था. बाइक पर सुरेश के साथ उसकी 40 वर्षीय बहन, 13 साल की भांजी अनुष्का और 11 साल का इकलौता भांजा दिव्यांश सवार थे. ये सभी सिरसी कला गांव में आयोजित एक भंडारे में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.

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 भीषण टक्कर, खून से लथपथ हुए सवार

जैसे ही इनकी बाइक छानीकला गांव के पास पहुंची, पीछे से आ रही रफ्तार के जुनून में डूबी थार ने इन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सभी खून से लथपथ हो गए. चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और कबरई थाना पुलिस मौके पर पहुंची. आनन-फानन में सभी को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 11 वर्षीय मासूम दिव्यांश को मृत घोषित कर दिया. जबकि इलाज के दौरान सुरेश की भी मौत हो गई.

 मां-बेटी की हालत नाजुक

मामा-भांजे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया. वहीं, गंभीर रूप से घायल शकुंतला और अनुष्का की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है. पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाली थार कार को अपने कब्जे में ले लिया है और अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी. मासूम दिव्यांश और सुरेश के शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. एक तरफ जहां पुलिस मामले की जांच में जुटी है, वहीं इस घटना से मृतक परिवारों में मातम मचा हुआ है.

यह घटना एक बार फिर सड़कों पर बढ़ती लापरवाही और तेज रफ्तार गाड़ियों के खतरे को उजागर करती है. एक खुशनुमा पारिवारिक सफर त्रासदी में बदल गया और दो परिवार शोक में डूब गए.