बुंदेलखंड की धरती महोबा अंबेडकर जयंती पर नीले रंग में रंगी नजर आई. भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जिले में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. सुबह अंबेडकर पार्क में माल्यार्पण के बाद युवाओं ने भव्य बाइक रैली निकाली, जिसमें संविधान निर्माता के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा.

महोबा शहर में आज बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई. सुबह होते ही शहर के मुख्य अंबेडकर पार्क में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया. 

अंबडेकर जयंती पर यूथ ने निकाली बाइक रैली

इस मौके पर पूरा माहौल जय भीम के नारों से सराबोर रहा. माल्यार्पण के तुरंत बाद युवाओं की एक विशाल बाइक रैली निकाली गई. हाथों में तिरंगा और बाबा साहेब के चित्र वाला नीला झंडा लिए सैकड़ों युवा जोश से भरे नजर आए. यह रैली अंबेडकर पार्क से शुरू होकर आल्हा चौक, ऊदल चौक, मुख्य बाजार और कोतवाली होते हुए वापस पार्क पर समाप्त हुई. बाइक पर सवार युवा संगीत की धुनों पर झूमते और बाबा साहेब के विचारों का प्रसार करते दिखाई दिए. 

'बाबा साहेब ने हमें दिया दुनिया का बेहतरी संविधान'

स्थानीय नागरिक किशोरीलाल ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को बाबा साहेब के संघर्षों और उनकी उपलब्धियों से रूबरू कराना है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने न केवल विश्व की सर्वोच्च डिग्रियां प्राप्त कीं, बल्कि हमें दुनिया का सबसे बेहतरीन संविधान भी दिया, जिसके आधार पर आज देश की व्यवस्था चल रही है.

'समता, समानता और बंधुत्व की थी बाबा साहेब की लड़ाई'

वहीं समाजसेवी रमाकांत  वर्मा ने कहा कि बाबा साहेब की लड़ाई समता, समानता और बंधुत्व की थी. आज का यह कार्यक्रम शोषितों, वंचितों और पिछड़ों को यह संदेश देने के लिए है कि वे संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों. उन्होंने सरकार से भी सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने की अपील की.

जगदीश वर्मा जैसे आयोजकों ने बताया कि बाइक रैली के बाद अब एक भव्य जुलूस निकाला जा रहा है, और रात्रि में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. आज सामाजिक समरसता और एकता का एक अनूठा उदाहरण पेश किया गया, जहां हर वर्ग के लोगों ने मिलकर संविधान निर्माता को नमन किया.