Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक बेहद मार्मिक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जिला अस्पताल में इलाज कराने आए एक गरीब बुजुर्ग को दिनदहाड़े ठग लिया गया. कुलपहाड़ निवासी 70 वर्षीय परशु कुशवाहा अपनी पत्नी रामप्यारी की आंखों का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे. उन्हें उम्मीद थी कि पत्नी की आंखों में लेंस लग जाएगा और इलाज सही से हो जाएगा. लेकिन अस्पताल परिसर में मौजूद एक ठग ने उनकी मजबूरी को अपना मौका बना लिया.
बुजुर्ग परशु ने बताया कि अस्पताल में एक व्यक्ति मिला जिसने खुद को सीएमएस का ड्राइवर बताया. उसने भरोसा दिलाया कि वह भी 'कुशवाहा' है और उनकी मदद करेगा. उसने कहा कि डॉक्टर मामूली लेंस डालेंगे जो छह महीने में खराब हो जाएगा, लेकिन वह डॉक्टर की पहचान से दस हजार का लेंस मात्र एक हजार रुपये में डलवा देगा. गरीब परशु ने कहा कि उसके पास केवल 900 रुपये हैं, वही वह अपनी पत्नी के इलाज के लिए लेकर आया है. इस पर ठग ने वह 900 रुपये ले लिए और डॉक्टर के केबिन में बैठाकर लौटने की बात कहकर भाग गया.
बुजुर्ग ने बताई पूरी घटनाजब परशु आई सर्जन डॉक्टर डी.के. राय के पास पहुंचे और रोते हुए अपने साथ हुई घटना बताई, तो डॉक्टर ने न केवल उनकी व्यथा सुनी बल्कि मानवीयता का उदाहरण पेश करते हुए बिना एक रुपया लिए उनकी पत्नी की आंखों का सफल ऑपरेशन किया. हालांकि ऑपरेशन हो गया, लेकिन बुजुर्ग के पास अब फल-फ्रूट तक खरीदने और घर लौटने के लिए पैसे नहीं बचे. परशु का कहना है कि वह बेहद गरीब हैं और उनके पास यही 900 रुपये थे, जो अब ठग लेकर फरार हो गया. घटना की शिकायत सीएमएस डॉक्टर पवन अग्रवाल से की गई, लेकिन उन्होंने कैमरे के सामने बोलने से इनकार कर दिया और सिर्फ इतना कहा कि जांच की जाएगी.
इस घटना ने न केवल स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर की है, बल्कि यह भी सवाल खड़े किए हैं कि आखिर कैसे सरकारी अस्पतालों में खुलेआम ठग सक्रिय हैं और गरीब मरीजों को निशाना बना रहे हैं. क्या प्रशासन इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई करेगा या पीड़ित की यह दबकर रह जाएगी.