Mahoba News: बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से लगे ग्रामीण क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर बनाने के लिए किसानों की भूमि को अधिग्रहित करने की कवायद तेज हो गई है, मगर इससे किसान असंतुष्ट नजर नहीं आ रहे है. अधिग्रहित हो रही 100 एकड़ भूमि से प्रभावित किसानों ने सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया है.
तकरीबन 150 किसानों ने अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा है. किसानों ने साफतौर पर कहा कि यदि उन्हें मानक अनुरूप मुआवजा नहीं मिला तो वो अपनी जमीन नहीं देंगे वहीं इस मामले को लेकर अपर जिलाधिकारी ने शासन तक बात पहुंचाने की बात कही है.
किसानों ने किया विरोध प्रदर्शनदरअसल उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से लगे ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित करने की कवायद कर रही है जिसके तहत महोबा जनपद के खन्ना ग्रामीण क्षेत्र की 100 एकड़ जमीन को अधिकृत कर औद्योगिक कॉरिडोर बनाने की पहल शासन कर रहा है. जिसको लेकर प्रशासन द्वारा भूमि अधिकृत करने के कार्य को गति दी गई, लेकिन उससे किसान संतुष्ट नहीं है.
आपको बता दें कि खन्ना क्षेत्र के लगभग डेढ़ सौ किसानों की 100 एकड़ भूमि को अधिकृत किया जाना है, जिसकी मुआवजा राशि शासन द्वारा तय की गई है जिसको लेकर किसानों का कहना है कि इसी खेती के जरिए वह अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे है और उन्हें उम्मीद थी की सरकार भूमि अधिग्रहण के दौरान सर्किल रेट से 4 गुना अधिक मुआवजा देगी, लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा. कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने प्रदर्शन करते हुए बताया कि मानक के अनुरूप अधिग्रहित हो रही भूमि का मुआवजा उन्हें नहीं मिल रहा.
चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शनकिसानों ने कहा कि उन्हें सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा चाहिए, यदि ऐसा नहीं होता है तो वह अपनी भूमि नहीं देना चाहते. किसान अरविंद, लल्लू राम, राकेश, रामाश्रय, मुकेश आदि किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा और भूमि की मलीयत सर्किल के रेट के आधार पर चार गुना दिए जाने की मांग की कई. किसान इस कदर मायूस और उदास दिखाई दिए कि रोते हुए शासन प्रशासन से उचित मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं.
इस मामले को लेकर अपर जिलाधिकारी राम प्रकाश बताते हैं कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से लगे खन्ना क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर बनाने के लिए भूमि अधिग्रहित की जा रही है. किसानों द्वारा अधिग्रहित हो रही भूमि को लेकर प्रार्थना पत्र दिया गया है. उनकी मांगों को शासन तक पहुंचा दिया जाएगा और जो भी निर्देश मिलेंगे उसके आधार आगे से कार्यवाही की जाएगी.
