उत्तर प्रदेश के महोबा में मंगलवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. सदर एसडीएम शिवध्यान पांडेय के नेतृत्व में ऊदल चौक इलाके में सड़कों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया. हालांकि, दरगाह के पास गुमटियां हटाने पहुंची टीम को विरोध का सामना करना पड़ा. दुकानदारों ने जमीन को निजी संपत्ति बताया है, जिस पर एसडीएम ने कागजात पेश करने की मोहलत देते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

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अतिक्रमण की वजह से स्थानीय राहगीरों और नागरिकों को खासा दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा था. जिसको लेकर कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए चेतावनी जारी भी की गयीं थीं, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया, अब प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अतिक्रमण पर बिलकुल भी रियायत नहीं दी जाएगी.

अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन में अधिकारी

महोबा शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है. शहर के सबसे व्यस्ततम ऊदल चौक इलाके में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब सदर एसडीएम शिवध्यान पांडेय, तहसीलदार और नगर पालिका की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ सड़कों पर उतरी. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन दुकानों और कब्जों को हटाना था, जो शहर की यातायात व्यवस्था में बाधा बन रहे थे. अभियान के दौरान एसडीएम ने उन दुकानदारों को सख्त हिदायत दी, जिन्होंने सड़क की पटरियों पर सामान फैला रखा था.

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उदल चौक पर हुआ हंगामा

कई अवैध अतिक्रमण को मौके पर ही हटाया गया. लेकिन मामला तब गरमा गया जब टीम ऊदल चौक स्थित दरगाह के पास रखी गुमटियों को हटाने पहुंची. यहां स्थानीय दुकानदारों उक्त जगह को निजी संपत्ति बताया है. दुकानदारों का साफ तौर पर कहना है कि यह जमीन नगर पालिका की नहीं, बल्कि निजी संपत्ति है. स्थानीय निवासी जमील सिद्दकी ने बताया कि यहां लोग दशकों से गुमटियां रखकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. उनके अनुसार, पहले भी कई बार ऐसी शिकायतें हुई हैं, लेकिन जांच में यह हमेशा निजी जमीन ही साबित हुई है.

निष्पक्ष जांच की मांग

दुकानदारों ने अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच की अपील की है. उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने के बहाने निजी भूमि में दुकान गुमटियां चला रहे लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है. एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि शहर में किसी भी कीमत पर अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दरगाह के पास की गुमटियों को लेकर उन्होंने दुकानदारों को आदेश दिया है कि वे जल्द से जल्द संबंधित कागजात तहसील में जमा करें. यदि वे कागजात दिखाने में विफल रहते हैं या संपत्ति सरकारी पाई जाती है, तो वहां से सभी गुमटियां हटाई जाएंगी. फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर के अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है.