उत्तर प्रदेश के महोबा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत करोड़ों रुपये का फसल बीमा घोटाला सामने आया है. इस घोटाले में इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है. किसानों की मेहनत और भरोसे के साथ खिलवाड़ करने वाले इस घोटाले ने जिले में हड़कंप मचा दिया है, और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है.

दरअसल खरीफ 2024 के दौरान इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी पर आरोप है कि उसने महोबा के किसानों की भूमि का बीमा फर्जी तरीके से अन्य लोगों के नाम पर कर दिया. जांच में खुलासा हुआ कि जिले के किसानों की जमीन का बीमा अन्य जिलों के व्यक्तियों के नाम पर किया गया, और उनके नाम पर करोड़ों रुपये का बीमा क्लेम उठाया गया.

जिन किसानों की फसलों का बीमा होना था, उन्हें न तो इसकी जानकारी दी गई और न ही कोई लाभ मिला. इस धोखाधड़ी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के उद्देश्य को ही नष्ट कर दिया, जो प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान के समय किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी.

जांच ने खोली घोटाले की परतें

किसानों की शिकायतों के बाद जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने महोबा की तीनों तहसीलों में जांच के लिए एक समिति गठित की.

जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

  • 41 फर्जी किसान पाए गए, जो महोबा के निवासी नहीं थे, बल्कि अन्य जिलों से थे.
  • इन फर्जी नामों पर करोड़ों रुपये का बीमा क्लेम भुगतान किया गया.
  • किसानों का डाटा बिना सत्यापन के बीमा क्लेम स्वीकृत किए गए.

इस खुलासे ने जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर किया.

मुकदमा दर्ज, जांच शुरू

जिलाधिकारी के निर्देश पर उप कृषि निदेशक राम सजीवन ने शहर कोतवाली में इफको-टोकियो के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 318(4) (धोखाधड़ी) समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया. कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो गई है, और तथ्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी

किसानों का आक्रोश

उधर जय जवान जय किसान एसोसिएशन के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने इस घोटाले के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. किसानों ने डाक बंगला से अम्बेडकर पार्क तक मार्च निकाला, जिसमें तहसील चौराहा, ग्रांट गंज, और उदल चौक शामिल थे. किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत और भरोसे के साथ धोखा हुआ है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.