उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बरा जंगल (Bara Forest) में कल शाम से मचा आग का भीषण तांडव अब शांत हो गया है. दमकल विभाग और वन कर्मियों ने रात भर जान जोखिम में डालकर भारी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया. हालांकि, जब तक यह तबाही रुकती, तब तक कुदरत का बड़ा नुकसान हो चुका था और हजारों बेशकीमती पेड़ जलकर राख हो गए.

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जानकारी के मुताबिक, 800 हेक्टेयर में फैले इस विशाल जंगल में कल शाम अचानक आग भड़क उठी थी. तेज गर्म हवाओं और सूखे पत्तों के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 30 हेक्टेयर के इलाके में फैल गई. आसमान में कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं का गुबार छा गया.

सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी राजू श्रीवास और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं. अग्निशमन अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि जंगल का रास्ता बेहद संकरा होने के कारण बड़ी दमकल गाड़ियों का वहां पहुंचना नामुमकिन था. ऐसे में टीम ने छोटी गाड़ियों और पोर्टेबल उपकरणों की मदद ली. करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 15 हेक्टेयर के मुख्य हिस्से में लगी आग को बुझाया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे पूरी स्थिति नियंत्रण में आई.

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15 हजार पेड़ स्वाहा, वन्यजीवों के आवास उजड़े

वन रेंजर के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस अग्निकांड में शीशम, सागौन, बांस और कंजी के करीब 10 से 15 हजार पेड़ जलकर खाक हो गए हैं. इस भीषण आग की वजह से वन्यजीवों के आवास भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.

बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी से तबाही की आशंका

शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह भीषण तबाही किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जंगल में फेंकी गई जलती हुई बीड़ी या सिगरेट के कारण हुई है. वन विभाग ने घटना के बाद सख्त चेतावनी जारी की है कि गर्मी के मौसम में लोग जंगल के पास आग जलाने या धूम्रपान करने से बचें.

फिलहाल, आग बुझने के बाद वन कर्मी 'ग्राउंड जीरो' पर कूलिंग ऑपरेशन (Cooling Operation) में जुटे हुए हैं, ताकि दबी हुई कोई चिंगारी दोबारा हवा पाकर न सुलग उठे.

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