Prayagraj News: प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ मेले के लिए उत्तर प्रदेश सरकार युद्ध स्तर पर तैयारी करने में जुटा है. इसका उद्देश्य महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को साफ सुथरे टॉयलेट्स, यूरिनल पॉट्स की सुविधा प्रदान की जा सके, जिससे वो यहां से एक यादगार अनुभव लेकर वापस लौटें. 

इसके लिए मेला प्रशासन की ओर से गाइडलाइंस जारी की गई हैं. इसके मुताबिक, प्रशासन का मुख्य फोकस शौचालयों की साफ सफाई पर रहेगा. मेले में मैनपावर की कमी न हो इसका भी खास ख्याल रखा जाएगा. जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो. 

गाइडलाइंस के करना होगा फॉलोइसके तहत वेंडर्स को सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप 10 शौचालयों पर एक सफाई कर्मी तैनात करें. इसी तरह 10 सफाई कर्मियों पर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया जाएगा. इसी क्रम में 20 यूरिनल्स पर एक सफाईकर्मी और 20 सफाईकर्मियों पर एक सुपरवाइजर तैनात रहेगा.

एबीपी न्यूज से बातचीत के दौरान विशेष कार्याधिकारी महाकुंभ मेला आकांक्षा राना ने साफ सफाई के प्लान का खाका शेयर किया. आकांक्षा राना ने बताया कि मेला क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों और स्वच्छता सुविधाओं की बेहतर देखरेख के लिए जनशक्ति तैनाती पर मेला प्रशासन की ओर से कुछ मानक निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें हर हाल में वेंडर्स को सुनिश्चित करना होगा. 

इन नए मानकों का उद्देश्य सार्वजनिक स्वच्छता को उन्नत करना, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सके. इसके तहत 10 शौचालयों पर 1 सफाईकर्मी, 10 सफाईकर्मियों पर 1 सुपरवाइजर, 20 यूरिनल्स पर 1 सफाईकर्मी और 20 सफाईकर्मियों पर एक सुपरवाइजर की नियुक्ति अनिवार्य होगी. 

सफाईकर्मियों के लिए विशेष किटइसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सफाईकर्मी सफाई करते समय दस्ताने और जूते जैसे सुरक्षा उपकरण (पीपीई) अवश्य पहने हों. इसके माध्यम से सफाई के साथ-साथ सफाईकर्मियों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया जाएगा. 

निर्धारित मानकों के अनुसार, शौचालय, वॉशबेसिन, फर्श, टाइलों को दाग और गंदगी मुक्त रखा जाएगा. टॉयलेट पेपर, साबुन डिस्पेंसर, हैंड सैनिटाइजर और महिला स्वच्छता उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. 

10-15 मिनट में हटेगी गंदगीइसके अलावा फ्लश सिस्टम, नल और शॉवर बिना किसी रिसाव के सही तरीके से क्रियाशील होने चाहिए. मौके पर गंध नियंत्रण तकनीक का उपयोग करते हुए शौचालय की दुर्गंध को 10-15 मिनट में हटाने और कचरे को 24 घंटे में विघटित करने की व्यवस्था लागू होगी.

शौचालयों में मग और बाल्टी भी उपलब्धता रहेगी. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शौचालय सुविधाएं आसानी से नजदीक स्थानों पर उपलब्ध हों. हर 10 शौचालयों में से कम से कम 1 शौचालय को दिव्यांगों के लिए सुलभ बनाया जाएगा.

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