उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में माघ मेला अब धर्म की जगह सियासत का केंद्र बनता नजर आ रहा है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने प्रयागराज मंडल की मंडलायुक्त, IAS सौम्या अग्रवाल की प्रेस वार्ता का एक वीडियो साझा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. सपा चीफ ने आरोप लगाया है कि माघ मेले में भारतीय जनता पार्टी कमीशन के रूप में घोटाले कर रही है.

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सोशल मीडिया साइट एक्स पर अखिलेश ने लिखा कि भाजपा के महाभ्रष्ट राज में मेले के नाम पर पचासों हज़ार की महा-रकम कमीशन के रूप में गटक जाने का नया खेल शुरू हुआ है. इसीलिए उन साधु-संतों को भी सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जो मेले की शोभा होते हैं. जिनका दर्शन मात्र ही आशीर्वाद होता है, उनके साथ बेहद आपत्तिजनक-अपमानजनक हिंसक दुर्व्यवहार शासन-प्रशासन इसलिए कर रहा है क्योंकि ‘मेला महाभ्रष्टाचार’ की कमीशनख़ोरी के इस गोरखधंधे में भाजपाई गुट की मिलीभगत है. 

सपा चीफ ने कहा कि इसीलिए जो भी मेले की दुर्व्यवस्था और बदइंतज़ामी के बारे में बोलेगा वो भाजपाई और उनके संगी-साथियों के साथ-साथ ‘संगीधिकारियों’ के निशाने पर होगा और सरेआम शिकार होगा. मेलाक्षेत्र के संजय का ‘धृतराष्ट्र’ कौन है, जिसको आँखों देखा हाल सुनाया-दिखाया जा रहा था. भाजपा को कमिश्नर की जगह ‘कमीशनर’ की नयी पोस्ट बना देनी चाहिए. कुछ तो है जिसमें हिस्सेदारी है.

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सरकार पर बरसे सपा सांसद

इस मामले पर सपा के सांसदों ने भी सरकार पर निशाना साधा. बलिया सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि यह अलोकतांत्रिक सरकार है. अविमुक्तेश्वरानंद पर शंकराचार्य होने का नोटिस जारी करने पर समाजवादी पार्टी के बलिया के सांसद सनातन पांडे ने कहा कि इस मामले में बोलेंगे तो बात बहुत आगे बढ़ जाएगी.

सांसद, सुल्तानपुर रामभुआल निषाद ने कहा कि इस सरकार में शंकराचार्य भी उत्पीड़ित है उनके साथ बर्बरता की जा रही है. बनारस मणिकर्णिका घाट मामले पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मंदिरों को अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करती है जिनकी जरूरत नहीं है उन्हें तोड़ दिया जाता.

शंकराचार्य मामले पर क्या बोले मेलाधिकारी?

इस पूरे मामले में एक प्रेस वार्ता के दौरान मेलाधिकारी ऋषिराज का कहना है कि वे लोग (स्वामी और उनके समर्थक) बैरिकेट तोड़कर संगम नोज पर आए और भगदड़ की स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया. उन्होंने कहा, 'हमारे पास साक्ष्य है और मुख्य स्नान पर्व पर किसी भी तरह के वाहनों की अनुमति से मना किया गया था.'

उन्होंने कहा, 'स्नान के लिए किसी ने किसी को नहीं रोका है. स्वामी जी के बगल में भी कई साधु संत आए और उन्होंने स्नान किया. प्रशासन द्वारा किसी भी साधु संत का अपमान नहीं किया गया. श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए जो भी व्यवस्था बनाई गई, उसे लागू किया गया क्योंकि उनकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है.'