Uttarakhand News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे शुरू हो चुका है. जिसको लेकर सियासी बयानबाजी जारी है. वहीं अब उत्तराखंड में भी मदरसों का सर्वे (Madrasa Survey) कराने का फैसला किया गया है. इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने बयान दिया है. सीएम ने मदरसों के सर्वे को जरूरी बताया है. 

उत्तराखंड में मदरसों के सर्वे के सवाल पर मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया में बयान दिया. उन्होंने कहा, "मदरसों का ठीक प्रकार से सर्वे होना बहुत जरूरी है. इसलिए हम इनका सर्वे करवाएंगे क्योंकि ये संस्थाएं भी हमारी ठीक होनी चाहिए, इसलिए सर्वे बहुत जरूरी है." इस दौरान राज्य में वक्त बोर्ड की जमीनों पर बनाए गए मदरसों का भी सर्वे किया जाएगा. 

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राज्य में करीब 103 मदरसेसीएम धामी ने कहा, "राज्य में मदरसों के चिन्हीकरण की जरूरत है. उत्तराखंड में मदरसों का सर्वे होना जरूरी है." उन्होंने कहा कि मदरसों को लेकर तमाम तरह की बातें सामने आ रही हैं. इसलिए उनका एक बार सर्वे होना जरूरी है, जिससे वस्तु स्थिति एक बार स्पष्ट हो जाए. बताया जाता है कि उत्तराखंड में करीब 103 मदरसे हैं. 

अब मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य में जल्द मदरसों का सर्वे शुरू हो सकता है. सर्वे में पता लगाने का प्रयास होगा कि क्या राज्य में मदरसे नियमों के अनुसार चल रहे हैं. कितने मदरसे नियमों के अनुसार नहीं चल रहे हैं. इसके अलावा मदरसों के रजिस्ट्रेशन की जांच के साथ ही तमाम तरह की जानकारी ली जाएगी. 

बता दें कि यूपी में मदरसों के सर्वे का काम शुरू हो चुका है. राज्य में सर्वे का काम पांच अक्टूबर तक पूरा होना है. वहीं 10 अक्टूबर तक इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दे दी जाएगी, जबकि 25 अक्टूबर तक ये रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है.

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