लखनऊ में सुशांत गोल्फ सिटी के हजारों खरीदारों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अधूरे विकास कार्यों और खरीदारों की समस्याओं को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पूरी परियोजना को अपने हाथ में लेने की तैयारी शुरू कर दी है. एलडीए ने टेकओवर का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है. शासन की मंजूरी के बाद प्राधिकरण परियोजना का विकास खुद कराएगा.

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एलडीए के मुताबिक, परियोजना को पूरा करने और लंबित देनदारियों को चुकाने में करीब 2,211 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसमें करीब 1,693.90 करोड़ रुपये सिर्फ अधूरे विकास कार्यों पर खर्च होंगे. सड़क, सीवर, ड्रेनेज, पेयजल, बिजली उपकेंद्र और अन्य नागरिक सुविधाओं को पूरा करने की योजना है.

सुशांत लोक में विकास कार्य करेगा एलडीए

एलडीए ने प्रस्ताव में कहा है कि परियोजना में बची जमीन के उपयोग और बिक्री से होने वाली आय से लंबित देनदारियों का भुगतान किया जाएगा. साथ ही अधूरे विकास कार्य भी पूरे कराए जाएंगे. पूरे काम की निगरानी कमिश्नर की अध्यक्षता वाली समिति करेगी. टेकओवर के लिए एलडीए को एनसीएलटी से भी अनुमति लेनी होगी. मंजूरी मिलने के बाद प्राधिकरण विकास कार्य शुरू कर सकेगा.

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एलडीए के आंकलन के मुताबिक परियोजना में करीब 50 किलोमीटर सड़कें अभी बननी बाकी हैं. इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल पाइपलाइन, पार्क और ड्रेनेज सिस्टम का काम अधूरा है। करीब 10 छोटे-बड़े बिजली उपकेंद्र भी बनाए जाने हैं.

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बंधक प्लॉट बेचने का भी आरोप

टाउनशिप की शर्तों के तहत एलडीए ने करीब 3,000 भूखंड बंधक रखे थे ताकि, विकासकर्ता विकास कार्य पूरा नहीं करता तो इन्हें बेचकर कॉलोनी का विकास कराया जा सके. आरोप है कि इनमें से करीब 1,000 भूखंड भी बेच दिए गए.

जांच समिति की रिपोर्ट में ग्राम समाज और नगर निगम की करीब 164 हेक्टेयर जमीन को भी बेचे जाने की बात सामने आई है. एलडीए इस जमीन को शासन से नि:शुल्क हासिल करने की कोशिश कर रहा है. इसके लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है. कमिश्नर की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने 21 जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी थी. रिपोर्ट में परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था.

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, सुशांत गोल्फ सिटी का विकास अब प्राधिकरण खुद कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और खरीदारों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा. 

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