लखनऊ के रेनू यादव हत्याकांड में बेटा ही संदिग्ध, बैंक और UPI ट्रांजैक्शन से मिली अहम जानकारी
Lucknow News: साइबर सेल ने निखिल के बैंक अकाउंट और UPI आईडी की जांच शुरू की है. कॉल डिटेल रिकॉर्ड से साफ हो गया कि निखिल पिछले एक महीने से अपने मित्रों और रिश्तेदारों से लगातार पैसे मांग रहा था.

उत्तर प्रदेश के लखनऊ जनपद में PGI के बाबूखेड़ा गांव में रेनू यादव हत्याकांड में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं. जिसमें शक की सुई रेनू यादव के लापता बेटे निखिल की ओर घूम गई है.
निखिल के बैंक अकाउंट और UPI ट्रांजैक्शन से पता चला है उसने कई ऑनलाइन गेम में पैसे डाले हैं और कई रिश्तेदारों और लोन एप्स से लों लिया है. जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी है. पुलिस को निखिल की बाइक चारबाग रेलवे स्टेशन से बरामद हुई है. माना जा रहा इस सबके पीछे घर में आर्थिक तंगी और तनाव को माना जा रहा है.
रेनू यादव की संदिग्ध मौत और निखिल की UPI जांच में खुलासा
बता दें कि रेनू यादव (45 वर्ष) की संदिग्ध हालत में घर में मृत पाई गईं थीं, जिसमें पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच तेज कर दी. शुरूआती जांच में जहर देने का मामला सामने आया, लेकिन अब पुलिस का फोकस लापता बेटे निखिल पर है. साइबर सेल ने निखिल के बैंक अकाउंट और UPI आईडी की जांच शुरू की है. कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से साफ हो गया कि निखिल पिछले एक महीने से अपने मित्रों और रिश्तेदारों से लगातार पैसे मांग रहा था. उसके एक दोस्त ने बताया कि निखिल ने व्हाट्सएप पर 10-15 हजार रुपये उधार मांगे थे, लेकिन वजह नहीं बताई.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक निखिल ने UPI के जरिए कई छोटे-मोटे ट्रांजेक्शन किए, जिनमें से ज्यादातर गेमिंग ऐप्स को भुगतान थे. जांच में खुलासा हुआ कि निखिल 'पब्जी' और 'फ्री फायर' जैसे ऑनलाइन गेम्स में कम से कम 50-60 हजार रुपये गंवा चुका है. यही नहीं, वह क्विक लोन ऐप्स से 20-25 हजार रुपये का कर्ज भी ले चुका था, जिसकी EMI चुकाने में चूक हो रही थी.
निखिल की बाइक चारबाग से बरामद
पुलिस ने निखिल की लापता बाइक रविवार रात चारबाग रेलवे स्टेशन के पार्किंग स्टैंड से बरामद की है. CCTV फुटेज में निखिल को स्टेशन की ओर जाते देखा गया, लेकिन उसके बाद उसका कोई सुराग नहीं. पुलिस को शक है कि वह ट्रेन से दिल्ली या कानपुर जा सकता है. लखनऊ एसएसपी के मुताबिक निखिल पर हत्या में संलिप्तता का शक है, लेकिन अभी सबूत जुटाए जा रहे हैं. हमने 4 टीमें गठित की हैं, जो दिल्ली, कानपुर और झांसी रूट पर तलाश कर रही हैं.
गेमिंग की लत लग चुकी है
जब परिजनों से दोबारा पूछताछ हुई तो आर्थिक तनाव की बात सामने आई है. निखिल के पिता ने बताया कि बेटा नौकरी की तलाश में था, लेकिन गेमिंग की लत ने घर की हालत खराब कर दी. रेनू अक्सर इसके लिए झगड़ती थीं. पुलिस अब निखिल के सोशल मीडिया अकाउंट्स और लोकेशन डेटा की भी जांच कर रही है.
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Source: IOCL
























