उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महिला सिपाही पर उसके ही थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हुआ है. आरोप है कि रविवार को थाने में तैनात 26 वर्षीय सिपाही आकाश यादव ने बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. जिसके बाद मृतक के पिता अनिल यादव ने महिला सिपाही पर खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है. 

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मृतक सिपाही के पिता अनिल यादव का आरोप है कि आकाश और महिला सिपाही दोनों गोमतीनगर थाने में तैनात थे. इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई. आरोप है कि महिला सिपाही ने आकाश को अपने प्रेम जाल में फंसाया और बाद में उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगी.

पिता के मुताबिक, आकाश शादी के लिए तैयार नहीं था. इसके बाद महिला सिपाही ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया. महिला सिपाही ने आकाश से रुपये लिए थे. पिता का दावा है कि लगातार दबाव और प्रताड़ना के चलते उनका बेटा इतना परेशान हो गया कि उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया. 

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महिला सिपाही पर उकसाने का आरोप

अनिल यादव ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि उनका बेटा आत्महत्या करने वाला नहीं था. उन्होंने बेटे की मौत के पीछे महिला सिपाही की प्रताड़ना को जिम्मेदार बताया है. परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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पिता ने आरोप लगाया कि जब वह शिकायत लेकर गोमतीनगर थाने पहुंचे तो आरोपी महिला सिपाही के वहीं तैनात होने की वजह से पुलिस ने पहले अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया. परिवार ने इसका विरोध किया और महिला सिपाही को नामजद करने की मांग की. इसके बाद पुलिस ने महिला सिपाही के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की.

CDR समेत दूसरे सबूत खंगालेगी पुलिस

गोमतीनगर इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है. पुलिस आकाश और आरोपी महिला सिपाही के बीच हुई बातचीत और संपर्क से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी. इसके लिए CDR समेत अन्य डिजिटल और साक्ष्यों को भी खंगाला जाएगा. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

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