Lucknow News: गुरु गोरक्षनाथ की तपोस्थली के दिन बहुरने वाले हैं. यह स्थली अमेठी के जायस कस्बे में पड़ती है. इसका कायाकल्प करने के लिए सरकार ने एक मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. इसे सात भागों में बांटकर काम किया जाएगा. सरकार गुरु गोरक्षनाथ की तपोस्थली और उनके अनन्य भक्त मलिक मोहम्मद जायसी की जन्मस्थली का कायाकल्प करने जा रही है. इसको आधुनिक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने के लिए सरकार ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. इसी को ध्यान में रखकर सरकार जायस क्षेत्र का विकास करने जा रही है.
इसके तहत इस क्षेत्र को 7 जोन में बांटा गया है, जिसमें प्रवेश, पर्यटक सुविधा केंद्र और रिटेल, बाबा बैठक, तपोवन, फूड एंड बेवरेज (एफ एंड बी), मनोरंजन और स्मारक शामिल है. प्रवेश मार्ग के साथ गेट परिसर और पार्किं ग एरिया का निर्माण कराया जाएगा. 50 कार और 6 बसों की पार्किं ग की व्यवस्था रहेगी. साथ ही एक हरे-भरे गलियारे का निर्माण किया जाएगा.
टिकट काउंटर की होगी व्यवस्था पर्यटकों की सहायता के लिए सूचना डेस्क और साइट के विभिन्न हिस्सों को घूमने के लिए टिकट काउंटर की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही फैशिलेशन सेंटर, सार्वजनिक शौचालय, कारीगरों और रिटेल की दुकानों के लिए भी जगह की व्यवस्था रहेगी. यह जोन विशेष तौर से गुरु गोरक्षनाथ पर केंद्रित रहेगा. इसके अंतर्गत पड़ने वाले प्राचीन कुओं और जीर्ण-शीर्ण हो चुकी बाबा बैठक का सरकार जीर्णोद्धार कराएगी. यह वह क्षेत्र है, जहां गुरु गोरक्षनाथ हवन और यज्ञ करते थे, इसे सहेजा जाएगा. साथ ही ध्यान क्षेत्र का निर्माण किया जाएगा और लाइट शो की व्यवस्था भी रहेगी.
पर्यटकों के लिए की जाएगी ये व्यवस्था इस जोन में प्राचीन रसोई है जिसका जीर्णोद्धार करने के साथ ही आने वाले पर्यटकों के लिए एक फूड कोर्ट बनाया जाएगा. मुख्य तालाब के किनारे-किनारे भ्रमण के लिए मार्ग का निर्माण कराया जाएगा. इसके साथ ही आने वाले पर्यटक नौका विहार आनंद ले सकें, उसकी व्यवस्था भी रहेगी. मुख्य तालाब के अंदर गुरु गोरक्षनाथ की तपोस्थली को समर्पित एक स्मारक बनाया जाएगा. इसके अंदर तालाब को अमृत सरोवर के रूप विकसित किया जाएगा. सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को अपने में समेटा जायस गुरु गोरक्षनाथ की तपोस्थली है. यह प्रसिद्ध कवि एवं पद्मावत के रचयिता मलिक मोहम्मद जायसी का भी शहर है. यह कस्बा वैदिक काल से संपन्न रहा. लोग इसे उद्यालक ऋषि का पुण्य स्थान बताते हैं, जो उद्यान नगर नाम से विख्यात था. स्वयं जायसी ने भी अपनी रचनाओं में इसका उल्लेख किया है.
पर्यटन सूचना अधिकारी मकबूल अहमद ने बताया कि इसका खाका तैयार कर लिया गया है. इसका बजट तकबरीन 24 करोड़ पांच लाख रुपये का है. बेंगलुरु के आर्किटेक्ट ने इसका मुख्यमंत्री के समक्ष प्रजेंटेशन भी दिया है. गुरु गोरक्षनाथ की तपोस्थली का कायाकल्प किया जाना है. यहां पर कई आकर्षक घाट बनाए जाएंगे. इसके अलावा बैठने की आकर्षक व्यवस्था होगी.
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