इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुरुवार को लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां तब तक के लिए अपने पास ले लीं, जब तक कि वह पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिला देतीं. कोर्ट की लखनऊ बेंच ने शहर के फैजुल्लागंज इलाके के वार्ड नंबर 73 से जुड़े एक मामले में यह निर्देश दिया. इस मामले में चुनाव ट्रिब्यूनल द्वारा तिवारी को पार्षद घोषित किए जाने के पांच महीने बाद भी उन्हें अभी तक शपथ नहीं दिलाई गई है.

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कोर्ट ने आदेश दिया कि जब तक ट्रिब्यूनल द्वारा निर्वाचित घोषित किए गए पार्षद को शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक मेयर की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां निलंबित रहेंगी. यह आदेश जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस एस.क्यू.एच. रिज़वी की बेंच ने पारित किया.

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कोर्ट ने 13 मई को भी तिवारी को शपथ न दिलाए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया था. 13 मई को मेयर और ज़िलाधिकारी ने कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट मांगी थी. तब कोर्ट ने निर्देश दिया था कि एक सप्ताह के भीतर शपथ दिलाई जाए, ऐसा न होने पर मेयर, DM और नगर आयुक्त अगली सुनवाई की तारीख 21 मई को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष पेश हों.