सऊदी अरब के मक्का में ड्रोन गिराए जाने की घटना को लेकर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने इसके पीछे सऊदी अरब हुकूमत को ही जिम्मेदार ठहराया है. वहीं इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली इस घटना की निंदा करते हुए हमले की कोशिश पर अफसोस जताया है.

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यासूब बोले, यह सऊदी अरब की साजिश'

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि मक्का में जो हमला की कोशिश की गई में उसकी पूरी तरह मुखालफत करते हैं. उन्होंने कहा, मुझे तो लगता है कि यह पूरी तरह सऊदी अरब की साजिश है. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे वार के बीच सऊदी अरब अहम भूमिका निभा रहा है. कई देशों की उसपर नजर है. ईरान के हमले की सहानुभूति लेने के लिए सऊदी अरब हुकूमत अल्लाह के घर का सहारा ले रहा है.

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पहले भी हुए है कई बार हमले

यासूब अब्बास ने कहा कि ये पहली बार नहीं है जब मक्का पर हमला हुआ हो. इस्लाम धर्म आने से पहले अबरहा के हाथियों के जरिए मक्का पर हमले हुआ था. फिर उसके बाद यजीद के दौर में भी काबा पर हमले हुए हैं. उन्होंने सऊदी अरब हुकूमत पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पैगंबर-ए-इस्लाम की बेटी की मजार को गिराया और जन्नतुल बकी को भी मिस्मार किया. इस पूरी घटना के पीछे सऊदी अरब हुकूमत का ही हाथ है.

सबको मिलकर बात करनी चाहिए

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि सऊदी अरब पर जिस तरीके से हमले हो रहे हैं, वह बेहद अफसोसनाक है. मक्का को पूरी दुनिया के मुसलमान सबसे ज्यादा कद्र और इज्जत की नजर से देखते हैं. ऐसे में वहां किसी भी तरह के हमले की कोशिश बेहद चिंताजनक है. तमाम मुस्लिम देशों के लोग एक साथ आकर इस मसले का समाधान निकालना होगा.

खालिद रशीद ने कहा कि मक्का में बड़ी संख्या में उमरा करने वाले लोग मौजूद हैं. ऐसे में जिन लोगों पर हमले के आरोप लग रहे हैं, उनके साथ बैठकर बातचीत के जरिए इस विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिश की जानी चाहिए.

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