लखनऊ KGMU में नॉनवेज बैन पर मचा सियासी घमासान, सपा-बीजेपी में तेज हुई जुबानी जंग
KGMU Non-Veg Ban: केजीएमयू में नॉनवेज पर रोक को लेकर सियासत गर्म हो गई हैं. समाजवादी पार्टी ने इसे विभाजनकारी नीति बताया तो वहीं बीजेपी ने कहा कि हमें लोगों की आस्था का ख़याल रखना चाहिए.

लखनऊ के केजीएमयू में सभी 18 हॉस्टलों में नॉनवेज खाना परोसने पर रोक लगा दी गई है. हालांकि छात्र बाहर से नॉनवेज ऑर्डर करके खा सकेंगे. जिसके बाद इस फैसले को सियासी घमासान शुरू हो गया है. सपा ने जहां नॉनवेज पर पाबंदी के फैसले का विरोध किया तो वहीं बीजेपी ने कहा कि लोगों की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए.
केजीएमयू यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने सभी हॉस्टलों में नॉनवेज खाने पर रोक लगाई है. इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं. हॉस्टलों में नॉनवेज बनाने और परोसने पर रोक लगाई गई है. हालांकि जो भी छात्र नॉनवेज खाना चाहते हैं वो बाहर से ऑर्डर कर खा सकते हैं.
केजीएमयू में नॉनवेज खाने पर रोक
इस मामले पर छात्रावास के इंचार्ज एसएन सिंह ने कहा कि हॉस्टल में जितनी भी तरह की सब्जियां है वो सब दी जाएंगी. छात्रों की बैलेंस डाइट की व्यवस्था की है. हालांकि जिन्हें खाना है वो बाहर मंगा सकेंगे. इस आदेश पर छात्रो की ओर से भी मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. कुछ ने इसे सही बताया तो कुछ छात्रों ने कहा कि अगर वो नॉनवेज खाना चाहते हैं तो उनके पास विकल्प होना चाहिए.
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अब इस मुद्दे ने ज़ोर पकड़ लिया है. जिसके बाद पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग भी तेज हो गई है. सपा पार्टी ने इस आदेश पर सवाल उठाए हैं.
सपा-बीजेपी में छिड़ी जुबानी जंग
सपा प्रवक्ता मनोज काका ने कहा कि केजीएमयू में बहुत सारी फैकल्टी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बंद हैं, डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं कर सकते. भारत में 85 फ़ीसद लोग नॉनवेज खाते हैं. डॉक्टर तो कहते हैं प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत मीट और अंडा है तो कैसे आप कैसे फैसला ले सकते हैं. इस तरह का निर्णय विभाजनकारी है. अपने नागरिकों में भेद करने वाला है.
वहीं भाजपा ने इस फैसले का स्वागत किया. बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि बीजेपी कभी किसी पर कुछ थोपने का काम नहीं करती. खान-पान लोगों को निजी मामला होता है लेकिन ऐसे स्थानों पर जहां शाकाहारी और मांसाहारी दोनों लोग रहते हैं तो सबकी भावनाओं का ख्याल करना चाहिए. कॉलेज परिसर हो, मंदिर हो.. इन सब जगहों पर कुछ न कुछ नियम क़ानून होने चाहिए.
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