किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (केजीएमयू) लखनऊ से जुड़े कथित धर्मांतरण मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं और सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है.

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केजीएमयू से जुड़े एक कथित धर्मांतरण प्रकरण को लेकर शिकायत सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था. आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा छात्र/कर्मचारी को बहला-फुसलाकर या दबाव में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया. शिकायत के आधार पर संबंधित थाना पुलिस ने जांच शुरू की थी.

पुलिस ने शिकायतकर्ता और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए हैं. केजीएमयू प्रशासन से जुड़े दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है. इस मामले में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका है या नहीं, इस एंगल से भी इंटेलिजेंस इनपुट खंगाले जा रहे हैं. जरूरत पड़ने पर धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है.

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केजीएमयू प्रशासन का रुख

केजीएमयू प्रशासन ने साफ किया है कि संस्थान में किसी भी तरह की गैरकानूनी या जबरन गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रशासन ने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है और आंतरिक स्तर पर भी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है.

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला संवेदनशील है, इसलिए जांच पूरी सावधानी के साथ की जा रही है. सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल किसी की गिरफ्तारी या आरोप तय होने को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है. वहीं, पुलिस ने अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील की है. फिलहाल, केजीएमयू धर्मांतरण मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में पुलिस की रिपोर्ट के बाद तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है.