उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र स्थित किसान पथ के पास बीती रात फॉर्मलिन केमिकल से भरा एक ट्रैक पलट गया है. इस दौरान तेज धमाका हुआ जिसके बाद अफरातफरी मच गई. मामपुर-बाना गांव के पास टायर फटने के बाद हुए हादसे से केमिकल का रिसाव होने लगा. देखते ही देखते करीब दो किलोमीटर के इलाके में केमिकल का असर फैल गया. इससे लोगों की आंखों में जलन, खांसी, खुजली और सांस लेने में परेशानी होने लगी.
हादसे का असर आसपास के 10 से ज्यादा गांवों और 50 से अधिक हॉस्टलों तक पहुंचा. हॉस्टलों में रहने वाले हजारों छात्रों को बचाव के लिए अपने कमरों में बंद होना पड़ा.छात्रों ने बताया कि बाहर रहने के दौरान अचानक आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होने लगी. खांसी शुरू होने पर उसने रुमाल गीला कर मुंह पर लगाया और भागकर हॉस्टल पहुंचे. कमरे में बंद रहने और बाद में नहाने के बाद उसकी हालत सामान्य हुई.
केमिकल रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंचीं. पुलिस ने घटनास्थल के दोनों ओर करीब 500-500 मीटर तक बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया. वाहनों का रूट डायवर्जन भी कराया गया. केमिकल के असर से पुलिसकर्मियों को भी परेशानी होने लगी.
डीसीपी उत्तरी अमित आनंद समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. केमिकल इंडस्ट्री के विशेषज्ञों की टीम को भी बुलाया गया. स्थानीय लोगों के मुताबिक, केमिकल का असर बीकेटी चौराहे और महिला थाने तक महसूस किया गया. इन इलाकों में भी लोगों को घुटन, खुजली और खांसी की शिकायत हुई. शुरुआत में लोगों को लगा कि इलाके में कोहरा छाया है, लेकिन आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होने पर केमिकल रिसाव की जानकारी हुई.
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