उत्तर प्रदेश के चर्चित कोडीन कफ सिरप मामले में ईडी की कार्रवाई तेज हो गयी है. जिसमे पूर्व एसटीएफ सिपाही आलोक सिंह के परिजनों से पूछताछ की गयी है. आलोक ने लखनऊ में स्वस्तिक सिटी में बेशकीमती कोठी बनाई है, इसके अलावा भी उसके पास कई संपत्तियां हैं. अकेले इसी कोठी की कीमत 10 करोड़ है. आलोक को कुछ साल पहले यूपी पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया था.
आलोक और कोडीन कफ सिरप के इस गिरोह के मास्टर माइंड शुभम जायसवाल के करीबी अमित सिंह को एसटीएफ गिरफ्तार कर चुकी है. सूत्रों के मुताबिक यह दोनों ईडी को सहयोग नहीं कर रहे हैं. ईडी की कोशिश है कि उसकी कमाई का स्रोत का पता करके जांच आगे बढ़ाई जाए.
पत्नी से की जा रही पूछताछ
ईडी को पिछले महीने आलोक की कोठी में छापेमारी के दौरान कई अन्य संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी मिले थे.चौंकाने वाली बात कि कोठी को बनाने के लिए आलोक ने किसी बैंक से ऋण भी नहीं लिया था, इसके बाद भी करीब 10 करोड़ रुपए की कोठी कैसे तैयार कर ली. ईडी के अधिकारी इसकी पड़ताल में जुटे हैं, इसी को लेकर के आलोक की पत्नी से भी ईडी ने पूछताछ की है. लेकिन जानकारी में कुछ ख़ास नहीं मिला है. अभी इस मामले में कई और नजदीकियों और परिजनों से पूछताछ की जा सकती है.
सरकार पर कार्रवाई को लेकर उठ रहे थे सवाल
यहां बता दें कि कोडीन कफ सिरप मामले में विपक्ष ने कार्रवाई को लेकर योगी सरकार पर लगातार सवाल उठाए हैं. खासकर सपा ने. खुद अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कुछ सजातीय लोगों को बचाया जा रहा है. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद सदन में इस मामले में सख्त कार्रवाई की बात कही थी. इस मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम प्रमुख रूप से उछल रहा है. शुभम जायसवाल उनका करीबी बताया जा रहा है.