लखनऊ में गोमतीनगर में पत्नी और बहन की हत्या करने के बाद खुदकुशी करने वाले SBI अधिकारी मानस बाजपेयी के मामले में पुलिस की जांच अब हथियारों के साथ-साथ मोबाइल और कॉल डिटेल पर भी केंद्रित हो गई है.
वारदात में इस्तेमाल असलह मानस तक कैसे पहुंचा? उसे हथियार किसने उपलब्ध कराए और घटना से पहले उसने किन लोगों से संपर्क किया था? इन सवालों के जवाब अभी पुलिस को नहीं मिले हैं. पुलिस ने घटनास्थल से तीन हथियार बरामद किए थे, जिनमें दो 9 एमएम पिस्टल और एक तमंचा शामिल बताया गया है.
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पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि मानस ने वारदात को अचानक अंजाम नहीं दिया था. 18 अगस्त को फैमिली कोर्ट में सुनवाई के बाद वह तनाव में था. इसके बाद उसने पत्नी दिव्या मिश्रा और अपनी बहन की हत्या के साथ खुदकुशी की योजना बनाई.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस दौरान उसने हथियारों का इंतजाम कहां से किया और किस-किस व्यक्ति से संपर्क किया. हालांकि हथियारों के सप्लायर या उन्हें उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है.
कॉल डिटेल से खुलेगा कोई नया राज?
पुलिस अब मानस, दिव्या मिश्रा, उनकी बहन प्रज्ञा मिश्रा और प्रज्ञा के पति भरत यादव से जुड़े मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाल रही है. हालांकि शुरुआती जांच में पुलिस को ऐसी कोई लंबी या कॉल डिटेल नहीं मिली है, जिससे यह साबित हो कि घटना से ठीक पहले मानस और प्रज्ञा मिश्रा या भरत यादव के बीच कोई खास बातचीत हुई थी. इसके बावजूद पुलिस कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, सोशल मीडिया और मोबाइल की दूसरी गतिविधियों को मिलाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ रही है.
व्हाट्सऐप स्टेटस में प्रज्ञा और भरत का नाम
मामले में प्रज्ञा मिश्रा और भरत यादव का नाम इसलिए भी जांच के दायरे में आया क्योंकि वारदात के बाद मानस ने व्हाट्सऐप स्टेटस लगाया था. इसमें उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाने के साथ प्रज्ञा मिश्रा और भरत का भी जिक्र किया था और संकेत दिया था कि दोनों को कुछ जानकारी थी. हालांकि दिव्या के परिजनों ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया है. पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि मानस ने स्टेटस में दोनों का नाम किस आधार पर लिखा था.
बैंक के बाहर दिव्या को मारी गोली
20 अगस्त को गोमतीनगर के विवेकखंड स्थित ICICI बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. दिव्या बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थीं. पुलिस के मुताबिक, मानस बैंक के बाहर पहुंचा और दिव्या को बुलाकर बातचीत की. इसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ और मानस ने गोली चला दी.
घटना के बाद वहां से निकल गया. CCTV फुटेज में भी घटना से पहले दोनों के बीच विवाद और हाथापाई के दृश्य सामने आने की बात कही गई है. इसके बाद मानस अपने गोमतीनगर स्थित घर पहुंचा. वहां उसने अपनी बहन तूलिका (शीबा) को गोली मार दी और फिर खुद को भी गोली मारकर जान दे दी. पड़ोसियों ने घर का दरवाजा तोड़ा तो अंदर दोनों के शव मिले. घर में तेज आवाज में हनुमान चालीसा चल रहा था.
तलाक का विवाद भी जांच का अहम हिस्सा
पुलिस की जांच में मानस और दिव्या के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद की बात सामने आई है. दोनों करीब एक साल से अलग रह रहे थे और मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंच चुका था. 18 अगस्त को तलाक के मामले में सुनवाई हुई थी.
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