उत्तर प्रदेश मूक बधिर मानवाधिकार आंदोलन के बैनर तले आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विधानसभा के सामने बड़ी संख्या में तमाम मूक बधिर लोगों ने अपनी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रार्थना पत्र के माध्यम इंसाफ की मांग की.
मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन में मूक बधिर समाज के लोगों ने प्रदेश में संचालित हो रहे सांकेतिक भाषा स्कूलों की अपग्रेड करने और बेहतर शिक्षक की नियुक्ति करने के साथ ही संचालन को प्राइवेट, एनजीओ को दिए जाने की मांग रखी गई.
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निशुल्क बस की भी मांग रखी
इसके साथ ही मंडल स्तर पर दिव्यांग जनों को निशुल्क बस की सुविधा देने का भी बिंदु रखा गया. साथ ही साथ आईटीआई तकनीक केंद्रों में विशेष प्रावधान देने की भी मांग रखी गई. विधानसभा के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे मूक बधिर लोगों ने सांकेतिक रूप में अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अभी तक मांगे पूरी नहीं हुई है. विधानसभा के सामने अपनी मांगों को लेकर पहुंचे मूक बधिर लोगों ने कहा कि उनके मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनसे मिलकर समाधान निकालना चाहिए.
पुलिस के रोकने पर हुई नोकझोंक
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर जाने से रोका, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक भी खूब हुई. पुलिस ने बमुश्किल काबू कर सभी को बसों में बैठाया और सांकेतिक गिरफ्तारी कर रिहा किया. इस दौरान काफी देर अफरा-तफरी का माहौल रहा.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही, प्रदर्शनकारियों को ज्ञापन देने के बाद उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया. उनकी जो भी मांगें थीं संबंधित अधिकारियो को अवगत करा दिया गया है. किसी के साथ कोई मारपीट या जबरदस्ती नहीं की गयी है. पुलिस टीम पहले से मुस्तैद थी. यातायात भी पूरी तरह संचालित है.
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