लखनऊ नीला ड्रम केस के आरोपी अक्षत प्रताप सिंह ने कहा कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई. अक्षत ने अपने पिता को मौत के घाट उतार दिया और उनकी लाश को नीले ड्रम में छुपा दिया. लखनऊ की आशियाना पुलिस आरोपी बेटे को पूछताछ और सीन रिक्रिएशन के बाद लोकबंधु अस्पताल में मेडिकल के लिए लेकर पहुंची. यहां मीडिया से बातचीत में उसने अपनी गलती मानी.

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क्या इस वारदात में बहन भी है शामिल, अक्षत ने दिया जवाब

अक्षत से जब मीडिया ने सवाल किया क्या वो अपना पक्ष रखना चाहेगा, इस पर उसने कहा, "गलती से हो गया था." क्या तुम्हारे ऊपर किसी परीक्षा को लेकर दबाव था, इस सवाल पर उसने सिर हिलाकर हां में जवाब दिया. क्या इस वारदात में उसकी बहन भी शामिल है, इस पर उसने ना में जवाब दिया.

हत्या के बाद पिता के शव के किए टुकड़े

बता दें कि अक्षत ने अपने पिता की हत्या के बाद शव के टुकड़े कर दिए. पहले उसने अपने पिता की गोली मारकर हत्या की. मानवेंद्र सिंह की उम्र 50 साल थी. अक्षत 19 साल का है. 

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20 फरवरी की सुबह पिता को मारी गोली

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे किसी बात पर उसका पिता के साथ विवाद हुआ था. इस विवाद में अक्षत गुस्सा आ गया और उसने अपने पिता को मौत के घाट उतार दिया. 

शरीर के अंगों को काटकर फेंका

पुलिस ने बताया कि सबूत छिपाने के लिए अक्षत ने पिता के शरीर को तीसरी मंजिल से नीचे लाकर ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में रख दिया. ऐसा आरोप है कि शरीर के अंगों को काटकर फेंक दिया गया और बचे हुए धड़ को एक ड्रम में छिपा दिया गया. 

अभी तक जो जानकारी निकलकर सामने आई है उसके मुताबिक, पढ़ाई को लेकर पिता और पुत्र में विवाद होता था. अक्षत ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था और पहले घर छोड़कर जा चुका है.