राजधानी लखनऊ में मेयर नाराज पार्षदों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इन पार्षदों ने मेयर सुषमा खर्कवाल पर भेदभाव करने और अवस्थापना राशि नहीं देने का आरोप लगाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है. उन्होंने मेयर पर उनके उनके साथ पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि अगर इस समस्या का हल नहीं हुआ तो वो भारतीय जनता पार्टी छोड़ देंगे. 

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मेयर सुषमा खर्कवाल से नाराज लखनऊ नगर निगम के 36 पार्षदों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिया है. उन्होंने मेयर पर अवस्थापना निधि देने में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मोहनलालगंज के 22 वार्डों को 21.55 करोड़ और लखनऊ के 88 वार्डों को अनदेखा किया गया है, जिसकी वजह से उनके क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं. 

मेयर पर लगाया भेदभाव का आरोप

बीजेपी पार्षदों ने अपने पत्र में लिखा लखनऊ नगर निगम के 36 पार्षदों के वार्ड में विकास कार्य की धनराशि शून्य हैं. जिससे उनके काफी आक्रोश है. जो सूची जारी की गई है उसमें भी पक्षपात किया गया है. जिसकी वजह से क्षेत्र के विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं. इन वजहों से जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

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सीएम योगी को पत्र लिखकर की शिकायत

इन पार्षदों ने आगामी विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव से पहले इन हालातों की वजह से पार्टी को नुक़सान हो सकता है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं इसलिए आपसे अनुरोध है कि इस गंभीर विषय को संज्ञान में लिया जाए और अवस्थापना एवं 15वें वित्त की धनराशि जिन वार्डों में विकास कार्य लिए गए हैं, अपने स्तर से विकस कार्य कराने के लिए संबंधित को निर्देशित करने का कष्ट करें. 

नाराज़ नेताओं का आरोप है कि मेयर ने सिर्फ अपने पसंद के पार्षदों के वार्ड में ही विकास कार्यों को स्वीकृति दी है. जबकि जो पार्षद उन्हें पसंद नहीं उन्हें अवस्थापना से मिलने वाली तक नहीं दी गई. जिसकी वजह से उनके इलाकों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं और उन्हें जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है. 

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