उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में इन दिनों कमर्शियल गैस की किल्लत ने होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने के चलते अब व्यापारियों को पुराने दौर की ओर लौटना पड़ रहा है. जहां पहले गैस पर काम होता था, अब वहां कोयले की भट्ठियां जलती नजर आ रही हैं.

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व्यापारियों की के मुताबिक फिलहाल कारोबार ज्यादा प्रभावित न हो इसलिए कोयले के विकल्प को लिया जा रहा है. इसके बाद रेट बढ़ाने पड़ेंगे तो ग्राहकों पर असर आएगा. इसलिए सरकार जल्द गैस की किल्लत का इंतजाम करे तो बेहतर होगा.

मजबूरी में कोयले का इस्तेमाल शुरू किया

कांधला क्षेत्र के कई होटल और मिठाई की दुकानों पर अब गैस की जगह कोयले का इस्तेमाल शुरू हो गया है. व्यापारियों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता ना होने से उन्हें मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ रहा है. कोयले पर काम करना न सिर्फ ज्यादा मेहनत वाला है, बल्कि इससे लागत भी बढ़ रही है. मिठाई व्यापारी यशु सैनी ने बताया कि गैस की किल्लत के चलते उन्होंने अपनी दुकान पर कोयले की भट्ठी लगाकर मिठाइयां बनानी शुरू कर दी हैं.

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उनका कहना है कि गैस के मुकाबले कोयले में ज्यादा समय और मेहनत लगती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है. गैस नहीं मिल रही है, जिसकी वजह से हमें कोयले की भट्ठी पर काम करना पड़ रहा है. इसमें खर्चा भी ज्यादा है और मेहनत भी ज्यादा लगती है, लेकिन ग्राहक पर बोझ ना पड़े इसलिए हमने अभी तक मिठाइयों के दाम नहीं बढ़ाए हैं. सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द गैस की सप्लाई सुचारू कराई जाए.

गैस की सप्लाई बहान न होने से बढ़ेगी दिक्कत

व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की सप्लाई बहाल नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं, जिसका असर आम जनता की जेब पर भी पड़ेगा. फिलहाल, प्रशासन और सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे व्यापारी जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि उनका कारोबार सुचारू रूप से चल सके और आम लोगों को भी महंगाई का सामना ना करना पड़े.