सहारनपुर: सहारनपुर में मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और गठबंधन प्रत्याशी के बीच होगा। जीत को लेकर सभी के अपने दावे हैं। अब किसका दावा और किसकी रणनीति सटीक  रहती है ये नतीजे आने के बाद ही पता चल सकेगा। सहारनपुर लोकसभा सीट का चुनाव दिलचस्प होने जा रहा है, क्योंकि यहां पर गठबंधन की तरफ से हाजी फजलुर्रहमान और कांग्रेस की तरफ से इमरान मसूद को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा ने मौजूदा सांसद राघव लखनपाल पर एक बार फिर भरोसा जताया है।

जनसंख्या और लोकसभा सीटों के लिहाज से उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। यूपी की सहारनपुर लोकसभा सीट भी राजनीतिक समीकरण के हिसाब से खाया महत्व रखती है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में ये सीट भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई थी। इस सीट पर बीजेपी के राघव लखनपाल ने परचम लहराया था। इस बार सपा-बसपा का गठबंधन बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है और ऐसे में सहारनपुर सीट पर कब्जा जमाए रखना बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा।

जानें- सहारनपुर लोकसभा सीट का इतिहास

सहारनपुर सीट पर सबसे पहला चुनाव 1952 में हुआ था, तब से लेकर 1977 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा था। 1977 में इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव से लेकर 1996 में तक इस सीट पर जनता दल या जनता पार्टी का कब्जा रहा। हालांकि बीच में 1984 के चुनाव में कांग्रेस ने वापसी की थी। 1996 के बाद ये सीट दो बार भारतीय जनता पार्टी, दो बार बहुजन समाज पार्टी, एक बार समाजवादी पार्टी और फिर 2014 में भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई।

एक नजर समीकरण पर

सहारनपुर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी लोकसभा सीटों में से एक है। यहां कुल 16,08,833 वोटर हैं। इनमें 8,73,318 पुरुष, 7,35,515 महिला वोटर हैं। 2014 में इस सीट पर कुल 74.2 फीसदी वोट पड़े थे। इस सीट पर 6267 वोट NOTA पर गए थे। सहारनपुर में कुल 56.74 फीसदी हिंदू, 41.95 फीसदी मुस्लिम जनसंख्या है।

सहारनपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत कुल 5 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें बेहट, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, देवबंद और रामपुरमनिहारन शामिल हैं। इन पांच सीटों में से दो सीटें भारतीय जनता पार्टी, दो कांग्रेस और एक समाजवादी पार्टी के खाते में है।

2014 लोकसभा चुनाव के आंकड़े

2014 में राघव लखनपाल को देशभर में चल रही मोदी लहर का फायदा मिला था। लखनपाल ने अपने प्रतिद्वंदी को 65 हजार से अधिक वोटों से मात दी थी। यहां भारतीय जनता पार्टी का सीधा मुकाबला कांग्रेस के इमरान मसूद से था।

किसे क्या मिला

राघव लखनपाल- भारतीय जनता पार्टी- कुल वोट मिले- 472,999- 39.6 प्रतिशत

इमरान मसूद- कांग्रेस- कुल वोट मिले 407,909- 34.2 प्रतिशत

जगदीश सिंह राणा- बसपा- कुल वोट मिले 235,033, 19.7 प्रतिशत

कौन हैं राघव लखनपाल

युवा सांसदों में से एक गिने जाने वाले राघव लखनपाल अपने पिता निर्भयपाल शर्मा की हत्या होने के बाद राजनीति में आए। निर्भयपाल शर्मा भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व में विधायक रह चुके हैं, 2000 में उनकी हत्या कर दी गई थी। लगातार तीन बार विधायक चुने जाने के बाद 2014 में वह लोकसभा का चुनाव लड़े और सांसद बने।

प्रमुख मुद्दे

- किसानों का गन्ना भुगतान

- रोडवेज बस स्टैंड की मांग

- ओवरब्रिज की मांग

- मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सुविधाएं नहीं

- उद्योगों का पलायन रोकने को सरकारी संरक्षण की मांग