Lok Sabha Election 2024: पूर्वी यूपी में लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें चरण के चुनाव में मतदाताओं का वोटिंग प्रतिशत बहुत कम रहा. भीषण गर्मी और उमस के बीच शाम 6 बजे के बाद आए वोटिंग प्रतिशत में लोगों की उम्मीद पर पानी फेर दिया. पूर्वी यूपी के गोरखपुर मंडल में पिछली बार की अपेक्षा का मतदान हुआ. इसमें महराजगंज अव्वल रहा, लेकिन पिछली बार की अपेक्षा मतदान प्रतिशत घट गया. गोरखपुर के मतदाताओं ने भी काफी निराश किया लेकिन सर्वाधिक काम वोटिंग बांसगांव और सलेमपुर लोकसभा सीट पर हुई.
पूर्वी यूपी की सबसे वीआईपी सीट माने जाने वाली गोरखपुर सदर लोकसभा सीट के मतदाताओं ने प्रत्याशियों और राजनीतिक पार्टियों को भी काफी निराश किया. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में जहां 59.79 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, तो वहीं इस बार वोटिंग प्रतिशत 5.1 प्रतिशत घटकर 54.69 पर आ गया. जो गोरखपुर मंडल की सभी सीटों पर सर्वाधिक घटने वाला प्रतिशत है. साल 2018 के उपचुनाव में इस सीट पर 47.79% मत पड़े थे. गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन दूसरी बार चुनाव मैदान में है. तो वही उनका मुकाबला गठबंधन से सपा प्रत्याशी काजल निषाद के साथ है.
महाराजगंजमहाराजगंज लोकसभा सीट की बात करें, तो साल 2019 में इस सीट पर मतदाताओं ने 64.07% के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया था. गोरखपुर मंडल में इस बार सर्वाधिक मतदान प्रतिशत के साथ महराजगंज सीट पर मतदाताओं ने 60.17% वोटों के साथ फिर प्रथम स्थान प्राप्त किया है. लेकिन इस बार मतदान 3.9 % कम हुआ है. हालांकि साल 2014 में महराजगंज में 60.82 % वोटिंग हुई थी. महराजगंज लोकसभा सीट से केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी सातवीं बार जीत के लिए चुनाव मैदान में है, जहां उनका मुकाबला गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र चौधरी के साथ है.
कुशीनगरकुशीनगर सीट की बात करें, तो साल 2019 के चुनाव में 59.79% वोटिंग हुई थी. इस बार वोटिंग 2.9 % घट गई है. इस बार महज 57.29% वोटर ही घर से मतदान स्थल तक पहुंचे. साल 2014 में 56.56 % मतदान हुआ था. कुशीनगर सीट पर भाजपा प्रत्याशी व सांसद विजय कुमार दुबे दूसरी बार चुनाव मैदान में हैं. तो वही उनका मुकाबला गठबंधन से सपा प्रत्याशी अजय प्रताप सिंह उर्फ पिंटू सैंथवार से है. बसपा से शुभ नारायण चौहान और आरएसएसपी से पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी जीत का दंभ भर रहे हैं.
सलेमपुरसलेमपुर में इस बार के लोकसभा चुनाव में 51.25% वोटिंग हुई है. गोरखपुर मंडल की सीटों में सर्वाधिक कम प्रतिशत वाला यह लोकसभा क्षेत्र है. यह साल 2019 के चुनाव में 55.43% वोटिंग हुई थी. जबकि साल 2014 के चुनाव में 51.5 0% वोटिंग हुई थी. सलेमपुर में इस बार के चुनाव में 4.18% की गिरावट दर्ज की गई है, जो गोरखपुर मंडल के गोरखपुर सदर लोकसभा सीट के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्रतिशत है. सलेमपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी रविंद्र कुशवाहा का मुकाबला गठबंधन से सपा प्रत्याशी रामशंकर राजभर से है. रविंद्र कुशवाहा लगातार तीसरी बार जीत के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं.
बांसगांवबांसगांव लोकसभा सीट की बात करें तो यहां इस बार के लोकसभा चुनाव में 51.59% वोटिंग हुई है जबकि साल 2019 के चुनाव में यहां 55.38 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. इस बार के चुनाव में बांसगांव में 3.79 % वोटिंग में गिरावट दर्ज की गई है. बांसगांव लोक सभा सीट पर भी भाजपा से चौथी बार जीत के लिए मैदान में उतरे कमलेश पासवान का मुकाबला गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री सदल प्रसाद से है. यहां पर गठबंधन प्रत्याशी सदर प्रसाद सिटिंग एमपी कमलेश पासवान को कड़ी टक्कर दे रहे हैं.
देवरियादेवरिया लोकसभा सीट की बात करें तो यहां पर इस बार 55.30 % मतदान हुआ है. जो पिछली बार के 57.90 % से 3.9 % कम है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में 53.80 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. देवरिया लोकसभा सीट से भाजपा ने शशांक मणि त्रिपाठी को पहली बार टिकट देकर मैदान में उतारा है जहां उनका मुकाबला गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी और राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह से है. इस सीट पर भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही है.
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