सोनभद्र जिले के करमा ब्लॉक स्थित लोहरा गांव में संभावित जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है. किसानों की महापंचायत उस वक्त गरमा गई, जब घोरावल के विधायक डॉ. अनिल मौर्य किसानों के तीखे सवालों के घेरे में आ गए. किसानों का सीधा सवाल था कि जब उन्होंने एसडीएम (SDM) और डीएम (DM) को लिखित रूप से अपनी चिंता जाहिर की है, तो अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिया गया?

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महापंचायत के दौरान जब विधायक डॉ. अनिल मौर्य पहुंचे, तो उन्होंने किसानों को शांत कराने की कोशिश करते हुए जमीन अधिग्रहण की बात को महज एक 'अफवाह' करार दिया. उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर स्थिति स्पष्ट कराएंगे. लेकिन किसान इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए. उन्होंने विधायक पर तीखा सवाल दागते हुए कहा कि अगर यह सिर्फ एक अफवाह है, तो प्रशासन से इसका लिखित रूप में खंडन क्यों नहीं कराया जा रहा है?

सवालों से असहज होकर बीच सभा से निकले विधायक

प्रशासनिक चुप्पी और देरी को लेकर किसानों के सवालों की बौछार इतनी तेज थी कि विधायक डॉ. मौर्य असहज हो गए. माहौल गरमाता देख विधायक अचानक नाराज हुए और सभा को बीच में ही छोड़कर वहां से निकल गए. उनके इस रवैये से मौके पर मौजूद किसानों में भारी रोष फैल गया.

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24 मार्च से बनी हुई है बेचैनी, आंदोलन की चेतावनी

दरअसल, 24 मार्च से ही क्षेत्र में संभावित भूमि अधिग्रहण की सूचना फैलने के बाद से लोहरा और आसपास के गांव के किसानों में गहरी बेचैनी है. इसी के चलते किसानों ने एकजुट होकर 'सोनभद्र किसान संघर्ष समिति' का गठन किया है. किसानों का आरोप है कि प्रशासन को लिखित ज्ञापन देने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है.

महापंचायत के अंत में किसानों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही लिखित रूप में स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो वे एक बड़ा धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.